By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां रविवार रात एक पेइंग गेस्ट (PG) आवास में भीषण आग लग गई। इस हादसे में करीब 50 युवतियों को अपनी जान बचाने के लिए चार मंजिला इमारत से कूदना पड़ा। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ, लेकिन कई युवतियों को हल्की चोटें आई हैं और सभी को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना बेंगलुरु के एक व्यस्त इलाके में स्थित एक चार मंजिला PG बिल्डिंग में हुई। आग की शुरुआत ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद एक दुकान से हुई, जो देखते ही देखते तेजी से पूरी इमारत में फैल गई। आग लगने का कारण शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि दमकल विभाग और पुलिस इस मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही आग ने विकराल रूप धारण किया, बिल्डिंग में रह रही युवतियों में अफरा-तफरी मच गई। धुएं और आग की लपटों के कारण ऊपर की मंजिलों पर फंसी युवतियों के पास बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं बचा। हालात इतने भयावह हो गए कि कई युवतियों को मजबूरन चौथी मंजिल से कूदना पड़ा।

स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मदद शुरू की। कुछ लोगों ने नीचे गद्दे और चादरें बिछाकर युवतियों को सुरक्षित कूदने में मदद की, जिससे बड़ा हादसा टल गया। वहीं, सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आग तेजी से फैलने का मुख्य कारण बिल्डिंग में पर्याप्त फायर सेफ्टी इंतजामों का न होना था। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि बिल्डिंग में फायर एग्जिट और अलार्म सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहे थे, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई।
घटना के बाद प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। संबंधित बिल्डिंग मालिक और दुकान संचालक से पूछताछ की जा रही है। साथ ही, शहर में स्थित अन्य PG और मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग्स की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।

घटना के बाद पीड़ित युवतियों ने प्रशासन से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते मदद नहीं मिलती, तो यह हादसा और भी बड़ा रूप ले सकता था।
इस घटना ने एक बार फिर से शहरी इलाकों में फायर सेफ्टी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती आबादी और तेजी से बन रही इमारतों के बीच सुरक्षा मानकों की अनदेखी इस तरह की घटनाओं को जन्म दे रही है।

फिलहाल सभी घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है और किसी के भी गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
यह घटना न केवल बेंगलुरु बल्कि पूरे देश के लिए एक चेतावनी है कि फायर सेफ्टी नियमों का पालन करना कितना जरूरी है। अगर समय रहते इस दिशा में सख्ती नहीं बरती गई, तो भविष्य में ऐसे हादसे और भी गंभीर रूप ले सकते हैं।
#deoghar #newsbag #bengaluru-pg-fire #

