By: Vikash kumar Raut ( Vicky)
रांची/पलामू: झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की तबीयत अचानक बिगड़ने की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, पलामू दौरे से लौटने के बाद उनकी सेहत में गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस खबर के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और उनके समर्थकों में चिंता का माहौल है।

सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्री हाल ही में पलामू के दौरे पर थे, जहां उन्होंने कई सरकारी कार्यक्रमों में भाग लिया। दौरे के दौरान ही उन्हें हल्की थकान और असहजता महसूस हुई थी, लेकिन उन्होंने कार्यक्रम जारी रखा। हालांकि, रांची लौटने के बाद उनकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई, जिसके बाद परिजनों और अधिकारियों ने बिना देर किए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया।

अस्पताल सूत्रों की मानें तो फिलहाल डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी कर रही है। शुरुआती जांच में उन्हें कमजोरी और ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्या बताई जा रही है। हालांकि, डॉक्टरों ने कहा है कि उनकी स्थिति स्थिर है और घबराने की कोई बात नहीं है।
इस घटना के बाद राज्य सरकार के कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी अस्पताल पहुंचे और उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भी उनकी सेहत पर नजर रखी जा रही है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों से सीधे बातचीत कर उनकी स्थिति की जानकारी ली है और बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर राज्य सरकार के महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक माने जाते हैं। बजट और वित्तीय नीतियों में उनकी अहम भूमिका रही है। ऐसे में उनकी अचानक तबीयत बिगड़ने की खबर ने प्रशासनिक कामकाज को भी प्रभावित किया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लगातार व्यस्त कार्यक्रम और भागदौड़ भरी दिनचर्या के कारण नेताओं की सेहत पर असर पड़ता है। ऐसे में यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि क्या नेताओं को अपने स्वास्थ्य पर भी पर्याप्त ध्यान देना चाहिए।

इस बीच, मंत्री के समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। सोशल मीडिया पर भी लोग उनके जल्द ठीक होने की दुआ कर रहे हैं।
अस्पताल प्रशासन की ओर से बताया गया है कि फिलहाल उनकी स्थिति नियंत्रण में है और उन्हें कुछ दिनों तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा। यदि सब कुछ सामान्य रहा, तो जल्द ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है।

फिलहाल, राज्य की राजनीति और प्रशासन दोनों की नजरें उनके स्वास्थ्य पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में उनकी सेहत में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

