By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में हुई 1.5 करोड़ रुपये की सनसनीखेज लूट की गुत्थी को पुलिस ने महज 11 दिनों में सुलझाकर बड़ा खुलासा किया है। इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस टीम ने लगातार कई राज्यों में पीछा किया, हजारों किलोमीटर का सफर तय किया और 500 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की। आखिरकार पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल लूट मामले में कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह मामला सामान्य लूट नहीं था, बल्कि पूरी योजना बनाकर अंजाम दिया गया अपराध था। जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए, उन्होंने पुलिस को भी चौंका दिया। शुरुआती जांच में संदेह बाहरी अपराधियों पर था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, मामले में अंदरूनी जानकारी का एंगल सामने आया।

जानकारी के अनुसार लूट की वारदात दिल्ली के इंद्रलोक क्षेत्र के पास हुई थी। अपराधियों ने बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया और बड़ी रकम लेकर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस की कई विशेष टीमों को जांच में लगाया गया।

जांच एजेंसियों ने सबसे पहले घटनास्थल और उसके आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज जुटाई। इसके बाद संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए लगातार तकनीकी विश्लेषण किया गया। पुलिस ने 500 से अधिक CCTV फुटेज की जांच कर अपराधियों की आवाजाही और संभावित ठिकानों की पहचान की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष स्टाफ और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम बनाई गई। टीमों ने लगातार 11 दिनों तक अलग-अलग राज्यों में दबिश दी। जांच के दौरान पुलिस ने करीब 8 राज्यों में अभियान चलाया और लगभग 4000 किलोमीटर तक आरोपियों का पीछा किया। इस दौरान कई स्थानों पर तकनीकी निगरानी, स्थानीय पुलिस सहयोग और फील्ड इंटेलिजेंस का सहारा लिया गया।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों को वारदात से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां पहले से उपलब्ध थीं। इसी आधार पर पुलिस ने अपने जांच दायरे को और विस्तृत किया और संदिग्धों के संपर्कों की जांच शुरू की। धीरे-धीरे पुलिस को ऐसे सुराग मिले जिनसे पूरे नेटवर्क तक पहुंचना संभव हुआ।

पुलिस कार्रवाई के दौरान कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। रिपोर्ट के अनुसार इनमें कुछ आरोपी सीधे वारदात में शामिल थे जबकि अन्य ने योजना और फरारी में सहयोग किया। जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस गिरोह का संबंध पहले की किसी अन्य आपराधिक घटनाओं से भी रहा है।

इस पूरे ऑपरेशन को दिल्ली पुलिस की हालिया बड़ी उपलब्धियों में माना जा रहा है। इतने कम समय में बहु-राज्यीय अभियान चलाकर आरोपियों तक पहुंचना पुलिस की समन्वित जांच और तकनीकी क्षमता को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि CCTV नेटवर्क और डिजिटल ट्रैकिंग अब अपराध जांच में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं।

फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस लूट की रकम की बरामदगी सहित मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस केस में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


