By: Vikash, Mala Mandal
सैकड़ों लोगों की भागीदारी, अंबेडकर चौक से पुस्तकालय तक गूंजे ‘अंबेडकर अमर रहें’ के नारे
देवघर। भारत के संविधान निर्माता और समाज सुधारक डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर मंगलवार को देवघर नगर निगम क्षेत्र स्थित अंबेडकर पुस्तकालय में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर पूरे क्षेत्र में उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह भव्य शोभायात्रा के साथ हुई, जिसमें सैकड़ों लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

यह शोभायात्रा अंबेडकर चौक से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए टॉवर चौक, बैद्यनाथ धाम रेलवे स्टेशन होते हुए पुनः अंबेडकर पुस्तकालय परिसर पहुंची। यात्रा के दौरान लोगों के हाथों में बाबा साहब की आदमकद तस्वीरें और बैनर-पोस्टर थे। पूरा मार्ग ‘अंबेडकर अमर रहें’ और ‘जय भीम’ के नारों से गूंजता रहा, जिससे वातावरण पूरी तरह उत्साहमय हो गया।

शोभायात्रा में शामिल लोगों ने बाबा साहब के विचारों और उनके द्वारा किए गए ऐतिहासिक कार्यों को याद किया। इस दौरान युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी देखने को मिली। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में जागरूकता लाने और नई पीढ़ी को अपने महान नेताओं के योगदान से अवगत कराने के उद्देश्य से आयोजित किए जाते हैं।
शोभायात्रा के समापन के बाद अंबेडकर पुस्तकालय परिसर में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में बाबा साहब के जीवन, उनके संघर्ष और संविधान निर्माण में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।

इस मौके पर पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुकुंद दास ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर न केवल भारत के बल्कि पूरे विश्व के महान विद्वान थे। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने भारतीय समाज को एक नई दिशा दी और संविधान के माध्यम से हर नागरिक को समानता का अधिकार प्रदान किया। उनके द्वारा बनाए गए संविधान ने देश में सामाजिक न्याय और समान अवसर की नींव रखी, जिसका लाभ आज हर वर्ग के लोगों को मिल रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि अंबेडकर जयंती सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि यह दिन हमें उनके आदर्शों और सिद्धांतों को अपनाने की प्रेरणा देता है। समाज में फैली असमानता और भेदभाव को समाप्त करने के लिए हमें बाबा साहब के बताए मार्ग पर चलने की जरूरत है।
गोष्ठी के दौरान अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बाबा साहब का जीवन संघर्ष और प्रेरणा का प्रतीक है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में शिक्षा प्राप्त कर समाज में एक नई पहचान बनाई और दलित, शोषित और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके समय में थे।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने बाबा साहब के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। आयोजकों ने बताया कि आने वाले समय में भी इस तरह के सामाजिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, ताकि समाज में जागरूकता और एकता बनी रहे।

अंबेडकर जयंती के इस आयोजन ने देवघर शहर में एक सकारात्मक संदेश दिया और लोगों को सामाजिक समरसता तथा समानता के प्रति जागरूक किया। इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपने इतिहास और महान व्यक्तित्वों के बारे में जानने का अवसर भी प्रदान करते हैं।

