By: Vikash, Mala Mandal
देवघर, झारखंड के प्रसिद्ध तीर्थस्थल बाबा बैद्यनाथ धाम में भीषण गर्मी और उमस के बीच जल संकट ने श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ा दी। सोमवार को मंदिर परिसर में लगभग दो घंटे तक पानी की आपूर्ति ठप रहने से हजारों श्रद्धालु प्यास से बेहाल हो गए। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा और कई श्रद्धालुओं को मजबूरी में पानी खरीदकर पीना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक मंदिर के प्रशासनिक भवन में लगे नल और चारों मुख्य द्वारों पर जलापूर्ति अचानक बंद हो गई। उस समय मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे, जो पूजा-अर्चना के लिए लंबी कतारों में खड़े थे। तेज धूप और उमस के बीच पानी नहीं मिलने से लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
भीड़ और गर्मी ने बढ़ाई समस्या
इन दिनों तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे गर्मी और उमस का असर साफ देखा जा रहा है। ऐसे में मंदिर परिसर में जलापूर्ति बाधित होना श्रद्धालुओं के लिए बड़ी समस्या बन गया। लंबी कतारों में खड़े श्रद्धालुओं का गला सूखने लगा और कई लोग चक्कर आने की शिकायत करते नजर आए। मंदिर के आसपास के क्षेत्रों में भी जल संकट की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बढ़ती गर्मी के कारण पानी की मांग काफी बढ़ गई है, लेकिन आपूर्ति उतनी नहीं हो पा रही है, जिससे हालात और बिगड़ रहे हैं।

स्वास्थ्य केंद्र में भी नहीं मिला पानी
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मंदिर परिसर स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र में भी पानी की कमी देखी गई। वहां इलाज कराने पहुंचे मरीजों को दवा खाने के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो सका। मजबूरन मरीजों और उनके परिजनों को बाहर से पानी खरीदकर लाना पड़ा। यह स्थिति स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है, क्योंकि किसी भी आपात स्थिति में पानी की उपलब्धता बेहद जरूरी होती है।

पुरोहित ने उठाए सवाल
मंदिर के पुरोहित कुमोद मठपती ने इस पूरे मामले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बाबा मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन व्यवस्थाओं की स्थिति बेहद खराब है। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस मौसम में पानी जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा कि आज की भीड़ और बढ़ते तापमान के कारण लोगों का गला सूख रहा था, लेकिन मंदिर परिसर में कहीं भी पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं था। इससे श्रद्धालुओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।

होल्डिंग पॉइंट से किया गया वितरण
हालांकि मंदिर प्रशासन की ओर से प्रशासनिक भवन स्थित होल्डिंग पॉइंट से पानी का वितरण किया जा रहा था, लेकिन यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी। मंदिर के अंदर और बाहर मौजूद श्रद्धालुओं की संख्या इतनी अधिक थी कि सभी तक समय पर पानी पहुंचाना संभव नहीं हो पाया। मंदिर के बाहर श्रद्धालु पानी की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आए। कई लोग दुकानों से पानी खरीदते दिखे, जिससे उनकी अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ा।

प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना के बाद मंदिर प्रशासन और नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए पानी की वैकल्पिक व्यवस्था पहले से होनी चाहिए थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी के मौसम में इस तरह की समस्या से निपटने के लिए अतिरिक्त टैंकर, वाटर कूलर और अस्थायी जल वितरण केंद्र लगाए जाने चाहिए।
व्यवस्था सुधार की मांग
श्रद्धालुओं ने मांग की है कि मंदिर परिसर में जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए और भविष्य में इस तरह की स्थिति से बचने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही स्वास्थ्य केंद्र और अन्य जरूरी स्थानों पर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

