By: Vikash, Mala Mandal
झारखंड के देवघर जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। साइबर थाना देवघर की टीम ने एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि पुलिस ने जांच के हित में आरोपियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन साइबर अपराधियों को पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
सरकारी योजनाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग
जांच में सामने आया है कि आरोपी आम लोगों को ठगने के लिए सरकारी योजनाओं और डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म का सहारा लेते थे। विशेष रूप से PM किसान योजना, मोबाइल वॉलेट और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं का नाम लेकर लोगों को झांसे में लिया जाता था। अपराधी खुद को कभी कस्टमर केयर अधिकारी, तो कभी सरकारी कर्मचारी बताकर लोगों का विश्वास जीतते थे। इसके बाद वे उन्हें कैशबैक, लोन या योजना का लाभ दिलाने का लालच देकर उनके बैंकिंग डिटेल्स और OTP हासिल कर लेते थे।

ठगी का तरीका (Modus Operandi)
पुलिस के अनुसार, गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम करता था और अलग-अलग तरीकों से लोगों को निशाना बनाता था:
1. PM किसान योजना के नाम पर फर्जी लिंक भेजना
आरोपी किसानों को मोबाइल पर मैसेज भेजते थे, जिसमें एक लिंक होता था। इस लिंक के जरिए योजना का लाभ दिलाने का दावा किया जाता था। जैसे ही पीड़ित उस लिंक पर क्लिक करता, उसकी निजी जानकारी हैक कर ली जाती थी।

2. फर्जी फाइनेंस अधिकारी बनकर लोन का झांसा
गिरोह के सदस्य खुद को फाइनेंस कंपनी का अधिकारी बताकर आसान लोन दिलाने का वादा करते थे। इसके लिए प्रोसेसिंग फीस या अन्य शुल्क के नाम पर पैसे वसूले जाते थे।
3. कस्टमर केयर बनकर कैशबैक का लालच देना
आरोपी मोबाइल ऐप के कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को कॉल करते थे और कैशबैक या रिवॉर्ड का ऑफर देते थे। इसके बाद वे पीड़ित से ऐप के माध्यम से गिफ्ट कार्ड बनवाकर उसे अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर लेते थे।
4. बैंकिंग सेवाओं के नाम पर धोखाधड़ी
गिरोह के सदस्य लोगों को यह कहकर डराते थे कि उनका बैंक कार्ड ब्लॉक हो गया है या उसे अपडेट करना जरूरी है। इस प्रक्रिया के दौरान वे लोगों से गोपनीय जानकारी लेकर ठगी करते थे।

बरामद सामान और तकनीकी जांच
पुलिस ने आरोपियों के पास से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और संदिग्ध सामग्री बरामद की है, जिनमें शामिल हैं:
6 मोबाइल फोन
6 सिम कार्ड
2 फर्जी/प्रतिबंधित सिम
इन सभी उपकरणों का उपयोग साइबर ठगी के लिए किया जा रहा था। पुलिस अब इन मोबाइल और सिम कार्ड के जरिए पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। संभावना है कि इस गिरोह के तार अन्य जिलों या राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं।

पुलिस की अपील – सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
देवघर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, लिंक या ऑफर के झांसे में न आएं। साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं।
पुलिस द्वारा दी गई जरूरी सलाह:
किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें
OTP, बैंक डिटेल्स या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें
केवल आधिकारिक वेबसाइट और ऐप का ही उपयोग करें
कस्टमर केयर के नाम पर आने वाले कॉल की सत्यता जरूर जांचें
किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाना को दें

साइबर अपराध के खिलाफ लगातार अभियान
देवघर पुलिस द्वारा साइबर अपराध पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। हाल के दिनों में कई मामलों का खुलासा हुआ है, जिससे यह साफ है कि साइबर अपराधियों के तरीके लगातार बदल रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में साइबर अपराध के खिलाफ और भी व्यापक अभियान चलाया जाएगा। साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

देवघर में साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। लेकिन यह भी सच है कि डिजिटल युग में साइबर ठगी का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में जरूरी है कि लोग खुद सतर्क रहें और किसी भी तरह की लापरवाही से बचें।
पुलिस की कार्रवाई और जनता की जागरूकता मिलकर ही इस तरह के अपराधों पर प्रभावी रोक लगा सकती है।

