By: Mala Mandal
देवघर, 30 मई: देवघर जिले में अवैध खनन और अवैध खनिज परिवहन पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इसी कड़ी में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में खनन विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित खनन गतिविधियों, राजस्व संग्रहण, अवैध खनन की रोकथाम तथा खनिज परिवहन की निगरानी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिले में किसी भी परिस्थिति में अवैध खनन और अवैध खनिज परिवहन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखें और अवैध गतिविधियों की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और सरकारी राजस्व की वृद्धि प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उपायुक्त ने समीक्षा के दौरान खनन विभाग के अधिकारियों से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित खनन गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वैध खनन पट्टों की नियमित जांच की जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्धारित नियमों और शर्तों का पूरी तरह पालन हो रहा है। यदि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

बैठक में सरकारी राजस्व संग्रहण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि खनन क्षेत्र से प्राप्त होने वाला राजस्व जिले के विकास कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए राजस्व संग्रहण में किसी प्रकार की कमी या लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप राजस्व संग्रहण सुनिश्चित करने तथा पारदर्शी व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया।
संभावित अवैध खनन स्थलों की होगी पहचान
बैठक के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संभावित अवैध खनन स्थलों को चिन्हित करें। ऐसे क्षेत्रों की सूची तैयार कर नियमित अंतराल पर औचक निरीक्षण और छापेमारी अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि अवैध खनन से न केवल सरकारी राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन भी प्रभावित होता है। इसलिए इस पर प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है। उपायुक्त ने यह भी कहा कि अवैध खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए और सभी मामलों में विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जिले के सभी प्रखंडों में वाहनों की होगी जांच
खनिज परिवहन की निगरानी को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि जिले के सभी प्रखंडों में खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की नियमित जांच की जाए। बिना वैध चालान, ओवरलोडिंग या नियमों का उल्लंघन कर रहे वाहनों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जांच अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा परिवहन मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाए। इससे अवैध खनिज परिवहन पर रोक लगाने में सहायता मिलेगी और सरकारी राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

निरंतर निगरानी और समन्वय पर जोर
बैठक में उपायुक्त ने विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि खनन विभाग, पुलिस प्रशासन और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त प्रयास से ही अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नियमित रूप से क्षेत्रीय निरीक्षण करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराएं। साथ ही कार्रवाई की रिपोर्ट समय-समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में अपर समाहर्ता हीरा कुमार, जिला खनन पदाधिकारी, माइनिंग इंस्पेक्टर, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। सभी अधिकारियों ने अवैध खनन और खनिज परिवहन पर नियंत्रण के लिए प्रशासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।
जिला प्रशासन की इस पहल को अवैध खनन के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि नियमित निगरानी, सघन जांच अभियान और कड़ी कार्रवाई के माध्यम से जिले में अवैध खनन तथा अवैध खनिज परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

