By: Vikash, Mala Mandal
देवघर। बाबा वैद्यनाथ की पावन नगरी देवघर को पर्यटन और व्यवसायिक दृष्टिकोण से और अधिक विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। देवघर नगर निगम के महापौर रवि कुमार राउत से संथाल परगना चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, देवघर के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण शर्मा, प्रधान महासचिव निरंजन कुमार सिंह एवं अन्य पदाधिकारियों ने निगम कार्यालय में शिष्टाचार मुलाकात की।

इस दौरान चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों ने नगर के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव महापौर के समक्ष रखे। इन सुझावों का मुख्य उद्देश्य देवघर को एक सुव्यवस्थित, स्वच्छ, आधुनिक और व्यापारिक दृष्टि से सशक्त शहर के रूप में स्थापित करना है।
नगर विकास के लिए दिए गए प्रमुख सुझाव
चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा महापौर को दिए गए मांग पत्र में शहर के विकास से जुड़े कई अहम बिंदु शामिल थे। इनमें प्रमुख रूप से मल्टी स्टोरी वेडिंग मार्केट के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया, जिससे स्थानीय व्यापारियों को एक संगठित प्लेटफॉर्म मिल सके और विवाह संबंधी व्यवसाय को बढ़ावा मिले।
इसके साथ ही खुले में मांस और मछली की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई, ताकि शहर की स्वच्छता और सौंदर्य को बनाए रखा जा सके। नगर में बढ़ती ट्रैफिक समस्या को देखते हुए मल्टीस्टोरी पार्किंग के निर्माण का भी सुझाव दिया गया, जिससे जाम की समस्या में काफी हद तक राहत मिल सके।

चैंबर ने ट्रांसपोर्ट नगर के विकास की आवश्यकता पर भी जोर दिया, जिससे भारी वाहनों का संचालन शहर के मुख्य मार्गों से अलग हो सके और यातायात सुचारू रूप से संचालित हो सके।
संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर
देवघर की पहचान केवल धार्मिक नगरी के रूप में ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और शिल्प परंपराओं के केंद्र के रूप में भी स्थापित करने के उद्देश्य से “वैद्यनाथ धाम शिल्प हाट” के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया। इससे स्थानीय कलाकारों और कारीगरों को मंच मिलेगा और पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त शहर में टोटो स्टैंड के निर्माण की मांग भी की गई, जिससे ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित किया जा सके और यातायात व्यवस्था में सुधार हो सके।

चैंबर ऑफ कॉमर्स ने ट्रैफिक की पुरानी व्यवस्था को पुनः लागू करने और नगर क्षेत्र में अत्याधुनिक सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण की आवश्यकता भी बताई, जिससे आम जनता और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

महापौर ने दिए सकारात्मक संकेत
महापौर रवि कुमार राउत ने चैंबर ऑफ कॉमर्स के सभी सुझावों को गंभीरता से सुना और उन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि ये सभी प्रस्ताव नगर हित, पर्यटन हित, रोजगार सृजन और जनकल्याण के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। महापौर ने आश्वासन दिया कि चैंबर ऑफ कॉमर्स और राज्य सरकार के सहयोग से इन प्रस्तावों पर चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम का लक्ष्य देवघर को एक आधुनिक, स्वच्छ और आर्थिक रूप से सशक्त शहर बनाना है।

जल संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान की शुरुआत
इसी अवसर पर महापौर ने अमृत भारत 2.0 योजना के अंतर्गत जल संचय जागरूकता रथ को निगम कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। महापौर ने कहा, “जल है तो जीवन है। नगर में लगातार घटता जलस्तर चिंता का विषय है। हमें वर्षा जल संचय को बढ़ावा देना होगा और पानी के दुरुपयोग को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे।”

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों और संस्थानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली को अपनाएं और जल संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी निभाएं।
कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस कार्यक्रम के दौरान उप महापौर टिप चटर्जी, नगर आयुक्त रोहित सिन्हा, नगर निगम के पार्षदगण एवं अन्य निगम कर्मी भी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को नगर विकास के लिए एक सकारात्मक कदम बताया।

देवघर नगर निगम और चैंबर ऑफ कॉमर्स के बीच हुई यह बैठक शहर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यदि इन प्रस्तावों को योजनाबद्ध तरीके से लागू किया जाता है, तो आने वाले समय में देवघर न केवल एक प्रमुख धार्मिक स्थल बल्कि एक विकसित व्यापारिक और पर्यटन केंद्र के रूप में भी उभर सकता है।

