By: Vikash, Mala Mandal
राजधानी रांची सहित पूरे झारखंड में लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी फायर स्टेशनों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी किए हैं। गर्मी के इस मौसम में आग लगने की घटनाओं में अचानक बढ़ोतरी देखी जाती है, जिसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पहले से ही एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, अप्रैल से जून के बीच राज्य में आग लगने की घटनाएं सबसे अधिक सामने आती हैं। तेज धूप, शुष्क हवाएं और बढ़ता तापमान आग फैलने के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है। ऐसे में किसी भी छोटी लापरवाही से बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
फायर स्टेशनों को दिए गए विशेष निर्देश
जिला प्रशासन ने सभी फायर स्टेशनों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को पूरी तरह तैयार रखने, उपकरणों की नियमित जांच करने और पर्याप्त पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके साथ ही सभी कर्मियों की ड्यूटी रोस्टर को भी सख्ती से लागू करने का आदेश दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। फायर विभाग के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों, बाजारों, अस्पतालों, स्कूलों और पेट्रोल पंपों के आसपास विशेष निगरानी रखें। इन जगहों पर आग लगने का खतरा अधिक होता है और नुकसान भी ज्यादा हो सकता है।

ग्रामीण क्षेत्रों पर भी विशेष फोकस
सिर्फ शहरी ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी आग की घटनाओं को लेकर प्रशासन गंभीर है। गांवों में अक्सर सूखी घास, फसल अवशेष और लकड़ी के घरों के कारण आग तेजी से फैल जाती है। इसे देखते हुए पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय प्रशासन को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि ग्रामीणों को आग से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी जाए। साथ ही खेतों में आग जलाने पर रोक लगाने और बिजली के तारों की स्थिति की जांच करने के भी निर्देश दिए गए हैं। 
अस्पतालों और स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था सख्त
प्रशासन ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों, स्कूलों और बड़े संस्थानों को फायर सेफ्टी नियमों का पालन करने का सख्त निर्देश दिया है। फायर एक्सटिंग्विशर, अलार्म सिस्टम और इमरजेंसी एग्जिट की जांच अनिवार्य कर दी गई है। कई बार देखा गया है कि आग लगने की स्थिति में इमरजेंसी एग्जिट बंद रहते हैं या फायर उपकरण काम नहीं करते, जिससे जान-माल का भारी नुकसान होता है। इस बार प्रशासन ऐसी किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगा।

बिजली विभाग को भी अलर्ट
बढ़ती गर्मी के दौरान बिजली के उपकरणों पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे शॉर्ट सर्किट की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसे देखते हुए बिजली विभाग को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। ट्रांसफार्मर, तार और अन्य उपकरणों की नियमित जांच करने और खराब हिस्सों को तुरंत बदलने को कहा गया है। इसके अलावा, लोगों को ओवरलोडिंग से बचने और सुरक्षित तरीके से बिजली का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

जनता से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे गर्मी के मौसम में आग से संबंधित सभी सावधानियां बरतें। घरों में गैस सिलेंडर, बिजली के उपकरण और ज्वलनशील पदार्थों को सुरक्षित रखें।
खुले में कचरा या सूखी घास जलाने से बचें, क्योंकि इससे आग फैलने का खतरा रहता है। यदि कहीं आग लगने की घटना होती है, तो तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दें और खुद से आग बुझाने की कोशिश में जोखिम न लें।

आपातकालीन नंबर जारी
फायर विभाग ने आपातकालीन स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, जिन पर कॉल करके तुरंत सहायता प्राप्त की जा सकती है। प्रशासन का कहना है कि समय पर सूचना मिलने से बड़ी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। बढ़ती गर्मी के इस दौर में आग लगने की घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। ऐसे में प्रशासन द्वारा उठाए गए ये कदम निश्चित रूप से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मददगार साबित होंगे। हालांकि, इसमें आम जनता की जागरूकता और सहयोग भी उतना ही जरूरी है। यदि सभी लोग मिलकर सतर्कता बरतें, तो आग जैसी आपदाओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।

