By : Mala Mandal
देवघर। सदर अस्पताल देवघर में कार्यरत सैकड़ों आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने चार से पांच महीने के बकाया पारिश्रमिक के भुगतान की मांग को लेकर शुक्रवार को सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। झारखंड चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के देवघर जिला अध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में सदर अस्पताल के विभिन्न पदों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।

कर्मचारियों का कहना था कि पिछले कई महीनों से उन्हें उनके पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया गया है। बकाया भुगतान के कारण कर्मचारियों के सामने आर्थिक परेशानियां उत्पन्न हो रही हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि विभाग के स्तर पर भुगतान के लिए आवंटन उपलब्ध रहने के बावजूद अब तक उनके खाते में पारिश्रमिक की राशि नहीं पहुंची है। लंबे समय से भुगतान लंबित रहने को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही थी।

धरना-प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने बकाया पारिश्रमिक का जल्द भुगतान करने की मांग उठाई। कर्मचारियों का कहना था कि वे नियमित रूप से सदर अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, इसके बावजूद समय पर पारिश्रमिक नहीं मिलने से उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों के अनुसार, जब वे अपने बकाया वेतन या पारिश्रमिक के भुगतान की मांग करते हैं तो नौकरी से हटाने की धमकी दिए जाने की बात भी सामने आती है। इसी मुद्दे को लेकर कर्मचारियों में आक्रोश देखा गया।
सिविल सर्जन ने कर्मचारियों को वार्ता के लिए बुलाया
धरना-प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद सिविल सर्जन ने कर्मचारियों के प्रतिनिधियों और अन्य कर्मियों को वार्ता के लिए बुलाया। इसके बाद कर्मचारियों ने सौहार्दपूर्ण माहौल में अपनी समस्याएं और मांगें सिविल सर्जन के समक्ष रखीं। कर्मचारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि चार से पांच महीने के बकाया पारिश्रमिक का भुगतान जल्द से जल्द कराया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक परेशानियों से राहत मिल सके।वार्ता के दौरान सिविल सर्जन ने कर्मचारियों को भुगतान की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के पारिश्रमिक से संबंधित विपत्र कोषागार भेजा गया था। वहां से कुछ आपत्तियों के साथ विपत्र वापस आया था। अब संबंधित आपत्तियों को सुधारते हुए विपत्र को दोबारा कोषागार भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।

सिविल सर्जन ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि अधिकतम बुधवार तक आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के बकाया पारिश्रमिक का भुगतान उनके बैंक खातों में हो जाने की उम्मीद है। भुगतान को लेकर मिले इस आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने तत्काल धरना-प्रदर्शन स्थगित करने का निर्णय लिया।
आश्वासन के बाद काम पर लौटे कर्मचारी
सिविल सर्जन के आश्वासन पर विश्वास जताते हुए कर्मचारियों ने फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित कर दिया और अपने-अपने कार्यों पर लौट गए। कर्मचारियों ने कहा कि अस्पताल में मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में लंबे समय तक पारिश्रमिक लंबित रहने से कर्मचारियों के मनोबल पर भी असर पड़ता है। संघ के जिला अध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र के नेतृत्व में कर्मचारियों ने कहा कि वे फिलहाल विभाग की ओर से दिए गए आश्वासन का इंतजार करेंगे। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर बकाया पारिश्रमिक का भुगतान कर्मचारियों के बैंक खातों में नहीं होता है तो आंदोलन को दोबारा शुरू किया जाएगा।

23 सितंबर को कार्यालय घेराव की चेतावनी
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि बुधवार सुबह तक यदि बकाया पारिश्रमिक की राशि उनके खातों में नहीं पहुंचती है तो बुधवार, 23 सितंबर 2026 को दोपहर 12 बजे पुनः सिविल सर्जन कार्यालय का घेराव किया जाएगा। कर्मचारियों ने कहा कि फिलहाल उन्होंने सिविल सर्जन के आश्वासन के आधार पर धरना स्थगित किया है, लेकिन समय पर भुगतान नहीं होने की स्थिति में आगे की रणनीति तय कर आंदोलन किया जाएगा।धरना-प्रदर्शन में सदर अस्पताल देवघर में विभिन्न पदों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों ने भाग लिया। इनमें अस्पताल की अलग-अलग सेवाओं और व्यवस्थाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल रहे। कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपने लंबित पारिश्रमिक के भुगतान की मांग उठाई।

कर्मचारियों में बनी हुई है भुगतान को लेकर चिंता
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के अनुसार, उनका पारिश्रमिक कई महीनों से लंबित रहने के कारण परिवार के दैनिक खर्च, बच्चों की पढ़ाई, घरेलू जरूरतों और अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा करने में परेशानी हो रही है। कर्मचारियों का कहना है कि वे अस्पताल की व्यवस्था में अपनी जिम्मेदारियां लगातार निभा रहे हैं, इसलिए उन्हें समय पर पारिश्रमिक मिलना आवश्यक है।

फिलहाल कर्मचारियों की नजर सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से किए गए भुगतान संबंधी आश्वासन पर है। यदि बुधवार तक भुगतान हो जाता है तो कर्मचारियों का आंदोलन आगे नहीं बढ़ेगा। वहीं, भुगतान नहीं होने की स्थिति में 23 सितंबर को दोपहर 12 बजे सिविल सर्जन कार्यालय के घेराव की घोषणा की गई है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कोषागार से संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के बकाया पारिश्रमिक का भुगतान निर्धारित समय सीमा के भीतर हो पाता है या नहीं।

