By: Mala Mandal
देवघर। देवघर सदर अस्पताल में सफाई का काम करने वाले कर्मी पिछले कई महीनों से वेतन भुगतान नहीं होने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को धरने पर बैठ गए। सफाई कर्मियों ने बकाया वेतन का जल्द भुगतान कराने समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अस्पताल परिसर में विरोध जताया। धरने पर बैठे कर्मियों का कहना है कि उन्हें पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिला था। हालांकि हाल ही में एक महीने का वेतन भुगतान किया गया है, लेकिन अभी भी तीन महीने का वेतन बकाया है। कर्मियों ने बकाया राशि का भुगतान नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।

सफाई कर्मियों के मुताबिक, देवघर सदर अस्पताल में सफाई व्यवस्था का काम सामंता कंपनी के माध्यम से कराया जाता है। उनका आरोप है कि वे लोग नियमित रूप से अस्पताल में सफाई का काम करते आ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें समय पर वेतन का भुगतान नहीं किया गया। लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मियों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है। उनका कहना है कि परिवार चलाने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए वेतन ही मुख्य आय का साधन है, ऐसे में कई महीनों का भुगतान लंबित रहने से परेशानी बढ़ गई है।

चार महीने के वेतन में एक माह का भुगतान
धरने पर बैठे कर्मियों ने बताया कि करीब चार महीने का वेतन लंबित था। हाल के दिनों में कंपनी की ओर से एक महीने का भुगतान किया गया, जिसके बाद तीन महीने का वेतन अभी भी बकाया रह गया है। कर्मियों का कहना है कि उन्होंने जब शेष बकाया राशि के भुगतान की मांग उठाई तो उन्हें कथित तौर पर काम से हटाने की धमकी दी गई। सफाई कर्मियों का आरोप है कि वेतन की मांग करना उनके लिए परेशानी का कारण बन गया है। उनका कहना है कि वे अपनी मेहनत का मेहनताना मांग रहे हैं और इसके लिए उन्हें डराने या काम से हटाने की धमकी नहीं दी जानी चाहिए। इसी के विरोध में कर्मियों ने धरना शुरू किया है।

काम से हटाने की धमकी देने का आरोप
सफाई कर्मियों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने कंपनी से अपने बकाया वेतन की मांग की तो उन्हें काम से निकालने की धमकी दी गई। कर्मियों के अनुसार, वे लंबे समय से अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था बनाए रखने का काम कर रहे हैं। इसके बावजूद अगर बकाया वेतन मांगने पर नौकरी से हटाने की बात कही जाती है, तो यह उनके लिए गंभीर चिंता का विषय है। हालांकि इन आरोपों पर कंपनी या संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में सफाई कर्मियों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

नौकरी से पहले पैसे लेने का भी आरोप
धरने पर बैठे कुछ सफाई कर्मियों ने कंपनी से जुड़े लोगों पर एक और गंभीर आरोप लगाया। कर्मियों का कहना है कि काम पर रखने से पहले कंपनी से जुड़े लोगों को पैसे देने पड़े थे। हालांकि इस संबंध में कर्मियों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। कर्मियों ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर काम पर रखने के नाम पर पैसे लिए गए हैं तो इसकी भी जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही सफाई कर्मियों ने अपने बकाया वेतन का भुगतान जल्द से जल्द कराने की मांग की है।

अस्पताल की सफाई व्यवस्था पर असर की आशंका
सदर अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान में सफाई कर्मियों के धरने पर बैठने से अस्पताल की सफाई व्यवस्था और दैनिक कामकाज पर असर पड़ने की बात भी सामने आई है। अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन पहुंचते हैं। ऐसे में सफाई व्यवस्था सुचारू रहना बेहद जरूरी है। धरने पर बैठे कर्मियों का कहना है कि वे काम करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें उनके मेहनताने का भुगतान समय पर मिलना चाहिए। कर्मियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

जांच और बकाया भुगतान की मांग
सफाई कर्मियों ने प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन से पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। कर्मियों की प्रमुख मांगों में तीन महीने के बकाया वेतन का भुगतान, काम से हटाने की कथित धमकी की जांच और काम पर रखने के नाम पर पैसे लिए जाने के आरोपों की जांच शामिल है।

कर्मियों का कहना है कि वे अस्पताल की सफाई व्यवस्था में अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं और इसके बदले उन्हें समय पर वेतन मिलना उनका अधिकार है। लंबे समय तक वेतन लंबित रहने से उनके परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशासन को मामले की जांच कर उचित समाधान निकालना चाहिए।

फिलहाल सफाई कर्मियों के धरने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। अब देखना होगा कि अस्पताल प्रबंधन और संबंधित कंपनी की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाया जाता है और बकाया वेतन के भुगतान को लेकर कब तक समाधान निकलता है। साथ ही कर्मियों द्वारा लगाए गए नौकरी से हटाने की धमकी और काम पर रखने से पहले पैसे लिए जाने के आरोपों की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

