By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
देवघर: देवघर नगर निगम के सफाई कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच नगर की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। शहर के विभिन्न इलाकों में कचरे का उठाव बाधित होने से आम नागरिकों की चिंताएं बढ़ रही हैं। इसी बीच नगर निगम के माननीय महापौर (मेयर) ने एक आधिकारिक वक्तव्य जारी कर सफाई कर्मियों की मांगों, निगम की वित्तीय स्थिति और वर्तमान परिस्थितियों पर अपना पक्ष स्पष्ट किया है। महापौर ने कहा कि नगर निगम प्रशासन सफाई कर्मियों की समस्याओं और मांगों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है तथा कर्मचारियों के हितों की रक्षा उनकी प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा कि पदभार ग्रहण करने के बाद से ही उन्होंने सफाई कर्मियों के कल्याण और उनके लंबित मामलों के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

लंबित वेतन भुगतान को कराया गया था क्लियर
महापौर ने अपने बयान में कहा कि जब उन्होंने नगर निगम की जिम्मेदारी संभाली थी, तब सफाई कर्मियों के वेतन भुगतान से संबंधित कई समस्याएं लंबित थीं। कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलने से आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल की शुरुआत में ही लंबित वेतन भुगतान की प्रक्रिया को तेज किया गया और बकाया वेतन का भुगतान सुनिश्चित कराया गया।उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करना नगर निगम की जिम्मेदारी है और इसी सोच के तहत वे लगातार कार्य करते रहे हैं।

ईपीएफ बकाया राशि पर मेयर ने दी सफाई
सफाई कर्मियों के आंदोलन का प्रमुख मुद्दा कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) की बकाया राशि है। इस संबंध में महापौर ने स्पष्ट किया कि ईपीएफ का जो बकाया मामला वर्तमान में उठाया जा रहा है, वह उनके मेयर बनने से पहले के कार्यकाल से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि यह समस्या वर्षों पुरानी है और इसकी जड़ें पूर्व की प्रशासनिक व्यवस्थाओं में हैं। हालांकि, वर्तमान नगर निगम प्रशासन इस मुद्दे से मुंह नहीं मोड़ रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभागों और अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
महापौर ने कहा कि कर्मचारियों की वैधानिक देनदारियों का निपटारा होना चाहिए और इसके लिए निगम स्तर पर गंभीरता से पहल की जा रही है।

व्यक्तिगत आरोपों और अभद्र टिप्पणियों पर जताई नाराजगी
अपने बयान में महापौर ने हाल के दिनों में उनके खिलाफ लगाए जा रहे व्यक्तिगत आरोपों और सोशल मीडिया सहित विभिन्न मंचों पर की जा रही अभद्र टिप्पणियों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति का अधिकार सभी को है, लेकिन विरोध के नाम पर व्यक्तिगत टिप्पणी करना और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना उचित नहीं है।
महापौर ने कहा, “नगर के प्रथम नागरिक के रूप में और मेरे पिछड़े समाज से आने के कारण जिस तरह की अपभ्रंश भाषा और अपमानजनक टिप्पणियों का प्रयोग किया जा रहा है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन किसी की सामाजिक पृष्ठभूमि या व्यक्तिगत पहचान को निशाना बनाना समाज के लिए अच्छी परंपरा नहीं है।”
उन्होंने अपील की कि आंदोलन और विरोध के दौरान भी सार्वजनिक पदों की गरिमा तथा सामाजिक संवेदनशीलता का सम्मान किया जाना चाहिए।

नगर निगम की वित्तीय स्थिति को समझने की अपील
महापौर ने सफाई कर्मियों और कर्मचारी संघ से नगर निगम की वर्तमान वित्तीय स्थिति को समझने की अपील की। उन्होंने कहा कि निगम कई वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिसके कारण कुछ मामलों में तत्काल निर्णय लेना संभव नहीं हो पाता। उन्होंने कहा कि निगम प्रशासन उपलब्ध संसाधनों के भीतर रहकर कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान का प्रयास कर रहा है। ऐसे में कर्मचारी संघ को भी सहयोगात्मक रवैया अपनाना चाहिए ताकि बातचीत के जरिए व्यावहारिक और स्थायी समाधान निकाला जा सके। महापौर ने यह भी कहा कि किसी भी संस्था के संचालन में आर्थिक संसाधनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और सभी पक्षों को वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ना चाहिए।

शहर की स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती
सफाई कर्मियों की हड़ताल के कारण नगर निगम के सामने शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गई है। शहर के प्रमुख बाजारों, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थलों पर कचरे का उठाव प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हड़ताल लंबी चली तो इसका असर आम जनजीवन के साथ-साथ स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। बरसात के मौसम में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। नगर निगम प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर भी विचार कर रहा है।

बातचीत से समाधान निकालने पर जोर
महापौर ने अपने वक्तव्य के अंत में कहा कि निगम प्रशासन संवाद और बातचीत में विश्वास रखता है। उन्होंने सफाई कर्मियों से हड़ताल समाप्त कर वार्ता के माध्यम से समस्याओं का समाधान खोजने की अपील की। उन्होंने कहा कि नगर निगम के दरवाजे कर्मचारियों के लिए हमेशा खुले हैं और हर जायज मांग पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा। उनका उद्देश्य किसी भी पक्ष को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा करते हुए नगरवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
महापौर ने उम्मीद जताई कि कर्मचारी संघ और निगम प्रशासन के बीच सकारात्मक संवाद स्थापित होगा तथा जल्द ही ऐसा समाधान निकलेगा जिससे कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण हो सके और शहर की स्वच्छता व्यवस्था भी सामान्य रूप से संचालित होती रहे।

प्रमुख बिंदु
देवघर नगर निगम के सफाई कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी।
मेयर ने जारी किया आधिकारिक बयान।
लंबित वेतन भुगतान को अपने कार्यकाल में क्लियर कराने का दावा।
ईपीएफ बकाया को पूर्व कार्यकाल की समस्या बताया।
व्यक्तिगत आरोपों और अभद्र टिप्पणियों पर जताई नाराजगी।
निगम की वित्तीय स्थिति को समझने की अपील।
वार्ता के जरिए समाधान निकालने पर दिया जोर।
नगरवासियों से सहयोग और धैर्य बनाए रखने की अपील।

