By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
रांची/देवघर: झारखंड में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए मुख्यमंत्री Hemant Soren ने मंगलवार को उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि अपराध नियंत्रण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आम जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि अपराध से जुड़े मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और संवेदनशील मामलों को चिन्हित कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
लापता बच्चों और महिलाओं के मामलों को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान विशेष रूप से लापता बच्चों और महिलाओं के मामलों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और सभी लंबित मामलों में तेजी से कार्रवाई करते हुए सुरक्षित रिकवरी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य आम जनता को भयमुक्त वातावरण प्रदान करना है। इसके लिए पुलिस प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा और हर मामले को गंभीरता से लेना होगा।

नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन पर सख्त कार्रवाई
बैठक में मुख्यमंत्री ने नशीले पदार्थों के बढ़ते कारोबार पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ड्रग्स के कारोबार से जुड़े अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए और उनकी सप्लाई चेन को पूरी तरह तोड़ दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री हो रही है, उन्हें चिन्हित कर वहां सघन छापेमारी की जाए। स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास विशेष निगरानी रखने का निर्देश भी दिया गया, ताकि युवा वर्ग को नशे की गिरफ्त में आने से रोका जा सके।

अफीम की खेती पर पूर्ण रोक लगाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने राज्य में अवैध अफीम की खेती पर भी सख्ती दिखाते हुए इसे हर हाल में रोकने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से Khunti, Chatra और Ranchi जिलों में निगरानी बढ़ाने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अफीम की खेती के खिलाफ लगातार मॉनिटरिंग की जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को इसके दुष्परिणामों से अवगत कराया जाए।

पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
मुख्यमंत्री Hemant Soren ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आम जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें। उन्होंने कहा कि एसपी, डीएसपी और थाना प्रभारी अपने कार्यालयों में निर्धारित समय पर उपस्थित रहें और लोगों की समस्याओं को सुनकर उनका त्वरित समाधान करें। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस अधिकारी केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहें, बल्कि ग्रामीण इलाकों का भी नियमित दौरा करें। औचक निरीक्षण से जनता का पुलिस पर विश्वास बढ़ेगा और अपराध नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।

संगठित अपराधों पर कड़ी नजर
बैठक में मुख्यमंत्री ने संगठित अपराधों पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में पुलिस प्रशासन को हर संभव संसाधन उपलब्ध करा रही है, इसलिए अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठित अपराध से जुड़े किसी भी गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा और कानून का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्रों से सटे इलाकों में बढ़ रहे भूमि विवादों पर भी चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भू-माफियाओं को किसी भी प्रकार का संरक्षण न मिले।
उन्होंने कहा कि भूमि विवाद से जुड़े मामलों में पुलिस प्रशासन पूरी सतर्कता बरते और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पुलिस की भूमिका निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि आम लोगों का विश्वास बना रहे।
हिरासत में संवेदनशीलता बरतने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान पुलिस हिरासत में होने वाली घटनाओं को लेकर भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हिरासत के दौरान किसी भी प्रकार की यातना या मृत्यु की घटना को सरकार गंभीरता से लेगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर स्तर पर संवेदनशीलता बरती जाए और मानवाधिकारों का पूरी तरह पालन किया जाए।

वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के मुख्य सचिव, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक सहित सभी जोनल आईजी, रेंज डीआईजी और जिलों के एसएसपी व एसपी शामिल हुए। सभी अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री Hemant Soren की इस समीक्षा बैठक से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि झारखंड सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर पूरी तरह गंभीर है। नशा, संगठित अपराध, अफीम की खेती और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई से राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।

