By: Mala Mandal
देवघर जिले के जसीडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत गिधनी गांव में काली पूजा के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पूजा कार्यक्रम के बीच दो पक्षों के बीच पुराना विवाद अचानक खूनी संघर्ष में बदल गया। इस घटना में एक युवक पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक की पहचान विकास महता के रूप में हुई है, जिसे तत्काल इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गिधनी गांव में काली पूजा के अवसर पर देर रात विशेष पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु उपस्थित थे। माहौल पूरी तरह धार्मिक और उत्सवी था, लेकिन इसी बीच दो पक्षों के बीच पहले से चल रहे विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। इसी दौरान मौके का फायदा उठाते हुए कुछ असामाजिक तत्वों ने विकास महता पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि हमलावर ने ‘फर्शी’ जैसे हथियार से विकास के सिर पर जोरदार वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही गिर पड़ा और काफी खून बहने लगा।

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पूजा कार्यक्रम में शामिल लोग इधर-उधर भागने लगे। स्थानीय लोगों और परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए घायल विकास महता को तुरंत उठाकर देवघर सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, युवक के सिर में गहरी चोट आई है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है और बेहतर इलाज देने का प्रयास कर रही है।

इधर, घटना की सूचना मिलते ही जसीडीह थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से आपसी रंजिश चल रही थी, जो इस घटना का मुख्य कारण बनी।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हमलावरों की पहचान करने के लिए आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी की जा रही है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि इस मामले में दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

ग्रामीणों का कहना है कि पूजा जैसे धार्मिक आयोजन में इस तरह की हिंसक घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे न केवल धार्मिक माहौल प्रभावित हुआ है, बल्कि गांव में डर और तनाव का माहौल भी बन गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

इस घटना ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए जाते। अगर समय रहते विवाद को सुलझा लिया जाता, तो शायद इस तरह की घटना को रोका जा सकता था।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। वहीं, घायल युवक की स्थिति पर पूरे गांव की नजर बनी हुई है और लोग उसके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

