By: Vikash, Mala Mandal
रांची/देवघर: झारखंड राज्य बार काउंसिल चुनाव 2026 में देवघर के युवा अधिवक्ता ललित यादव ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए राज्यभर में दूसरा स्थान हासिल कर एक नई पहचान बनाई है। पहली बार चुनावी मैदान में उतरे ललित यादव ने अपने दमदार जनसंपर्क, साफ छवि और अधिवक्ताओं के व्यापक समर्थन के बल पर यह बड़ी सफलता हासिल की है। इस जीत ने न केवल देवघर बल्कि पूरे संथाल परगना क्षेत्र का मान बढ़ाया है।
इस चुनाव में झारखंड हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अब्दुल कलाम रसीदी ने सबसे पहले जीत का कोटा पूरा कर पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि ललित यादव दूसरे स्थान पर रहे। खास बात यह है कि ललित यादव ने पहली बार चुनाव लड़ते हुए इतने बड़े स्तर पर जीत हासिल कर युवा अधिवक्ताओं के लिए प्रेरणा प्रस्तुत की है। ललित यादव मूल रूप से देवघर जिले के निवासी हैं और वर्तमान में झारखंड उच्च न्यायालय में सक्रिय रूप से प्रैक्टिस करते हैं। उनकी जीत को अधिवक्ता समाज में एक नई ऊर्जा और बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
अधिवक्ता साथियों को दिया जीत का श्रेय
अपनी जीत के बाद ललित यादव ने राज्यभर के अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह जीत उनकी व्यक्तिगत नहीं बल्कि पूरे अधिवक्ता समाज की जीत है। उन्होंने कहा, “मैं पहली बार चुनावी मैदान में उतरा था और मुझे पूरे राज्य के अधिवक्ता साथियों का भरपूर समर्थन मिला। संथाल परगना से लेकर पलामू, कोडरमा, चाईबासा और कोल्हान तक हर क्षेत्र से मुझे प्रथम वरीयता के वोट मिले। जहां कुछ स्थानों पर प्रथम वरीयता कम मिली, वहां दूसरे वरीयता में भारी समर्थन मिला।”
ललित यादव ने आगे कहा कि अधिवक्ताओं ने जिस भरोसे के साथ उन्हें चुना है, वह उस भरोसे पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे और अधिवक्ता हितों की रक्षा को प्राथमिकता देंगे।
चुनाव प्रक्रिया और जीत का कोटा
झारखंड स्टेट बार काउंसिल चुनाव में जीत के लिए एक निश्चित कोटा निर्धारित किया गया था। चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए 677 वोटों का कोटा तय किया गया था। जो भी प्रत्याशी इस कोटा को प्राप्त कर लेता, वह सीधे निर्वाचित घोषित किया जाता। यदि कोई प्रत्याशी इस कोटा तक नहीं पहुंच पाता, तो अंतिम चरण में शीर्ष 16 प्रत्याशियों का चयन किया जाता। इस प्रक्रिया के तहत ही चुनाव परिणाम घोषित किए गए।
23 सीटों के लिए 100 प्रत्याशी मैदान में
इस बार के चुनाव में कुल 23 सदस्यों के चयन के लिए मतदान कराया गया। इनमें से 18 सीटें पुरुष अधिवक्ताओं के लिए और 5 सीटें महिला अधिवक्ताओं के लिए आरक्षित थीं। चुनाव में कुल 100 प्रत्याशियों ने भाग लिया, जिनमें 75 पुरुष और 25 महिला अधिवक्ता शामिल थे। यह चुनाव प्रतिस्पर्धा के लिहाज से काफी अहम और चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था।
पुरुष वर्ग में अब्दुल कलाम रसीदी और ललित यादव ने जीत का कोटा पूरा कर अपनी जगह पक्की की। वहीं महिला वर्ग में कोई भी प्रत्याशी निर्धारित कोटा तक नहीं पहुंच सकी। ऐसे में अंतिम चयन प्रक्रिया के आधार पर पांच महिला प्रत्याशियों को निर्वाचित घोषित किया गया।
जानकारी के अनुसार महिलाओं के लिए कुल 7 सीटें आरक्षित थीं, जिनमें से 5 का चुनाव हो चुका है, जबकि 2 सीटों पर मनोनयन के आधार पर चयन किया जाएगा।
12 मार्च को हुई थी वोटिंग
झारखंड राज्य बार काउंसिल चुनाव के लिए 12 मार्च 2026 को मतदान कराया गया था। राज्यभर के 37 बार एसोसिएशन में एक साथ वोटिंग हुई थी। इस चुनाव में कुल 25,001 अधिवक्ता मतदाता शामिल हुए, जिन्होंने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं की भागीदारी ने इस चुनाव को और भी महत्वपूर्ण बना दिया।
युवा नेतृत्व की नई पहचान
ललित यादव की जीत को झारखंड में उभरते हुए युवा नेतृत्व के रूप में देखा जा रहा है। उनकी इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि अगर समर्पण और मेहनत के साथ कार्य किया जाए तो पहली बार में भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। देवघर जैसे शहर से निकलकर राज्य स्तर पर दूसरी सबसे बड़ी जीत हासिल करना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। कानूनी क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि युवा अधिवक्ताओं की बढ़ती भागीदारी न्याय व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगी। ललित यादव की जीत इसी दिशा में एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
अधिवक्ता समाज में उत्साह का माहौल
ललित यादव की जीत के बाद देवघर समेत पूरे झारखंड के अधिवक्ता समाज में उत्साह का माहौल है। उनके समर्थकों ने इसे बदलाव की शुरुआत बताते हुए उम्मीद जताई है कि वह अधिवक्ताओं के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेने में अहम भूमिका निभाएंगे।
