By: Mala Mandal
सोशल मीडिया का बढ़ता इस्तेमाल बच्चों और किशोरों के लिए लगातार चिंता का विषय बन रहा है। देर रात तक Instagram और Facebook चलाने की आदत को कम करने के लिए Meta ने किशोर यूजर्स के लिए बड़े बदलावों का ऐलान किया है। कंपनी के नए प्रस्ताव के तहत 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए रात में सोशल मीडिया का इस्तेमाल सीमित किया जाएगा। इसके तहत रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक Instagram और Facebook पर Night Mode लागू होगा। इस दौरान किशोर इन प्लेटफॉर्म पर कंटेंट देख या पोस्ट नहीं कर सकेंगे।

क्या है Meta का Digital Bedtime?
Meta ने किशोरों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को नियंत्रित करने के लिए Night Mode की व्यवस्था की है, जिसे डिजिटल बेडटाइम के तौर पर देखा जा रहा है। इसका सीधा उद्देश्य देर रात सोशल मीडिया पर बिताए जाने वाले समय को कम करना है। Meta के अनुसार, Night Mode के दौरान 18 साल से कम उम्र के किशोर Facebook और Instagram पर Feed, Stories, Explore और Reels जैसे फीचर्स को एक्सेस नहीं कर पाएंगे। वे इस समय के दौरान नए पोस्ट भी नहीं कर सकेंगे। यह व्यवस्था किशोरों को रात में सोशल मीडिया से दूर रखने और उनके स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करने के लिए बनाई गई है।

रात 12 से सुबह 6 बजे तक रहेगा ब्लॉक
नए नियम के तहत किशोरों के लिए रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक Instagram और Facebook का एक्सेस डिफॉल्ट रूप से बंद रहेगा। यानी इस अवधि में सोशल मीडिया इस्तेमाल करने की कोशिश करने पर उन्हें प्लेटफॉर्म का सामान्य अनुभव नहीं मिलेगा। यहां यह समझना जरूरी है कि यह फैसला फिलहाल सभी Instagram और Facebook यूजर्स के लिए नहीं है। Meta की घोषणा विशेष रूप से किशोरों यानी 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए किए गए सुरक्षा उपायों से संबंधित है।

रोजाना सोशल मीडिया इस्तेमाल की भी लिमिट
Night Mode के अलावा Meta ने किशोरों के लिए रोजाना इस्तेमाल की सीमा तय करने की भी बात कही है। Instagram और Facebook को मिलाकर डिफॉल्ट रूप से रोजाना दो घंटे की टाइम लिमिट रखी जाएगी। इसका मतलब है कि दोनों प्लेटफॉर्म पर बिताया गया समय एक ही दैनिक सीमा में गिना जाएगा। अगर किसी किशोर को इस सीमा को बदलना या हटाना है तो इसके लिए माता-पिता की अनुमति जरूरी होगी। Meta का कहना है कि यह व्यवस्था किशोरों को सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर ज्यादा जागरूक बनाने और माता-पिता को बेहतर नियंत्रण देने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
स्कूल के समय भी म्यूट रहेंगे नोटिफिकेशन
Meta ने सिर्फ रात के इस्तेमाल पर ही रोक लगाने की योजना नहीं बनाई है। किशोरों के स्कूल समय में सोशल मीडिया से ध्यान हटाने के लिए सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक नोटिफिकेशन डिफॉल्ट रूप से म्यूट रखने का प्रावधान भी किया गया है। इस दौरान सामान्य push notifications नहीं आएंगे। हालांकि, Direct Messages और अकाउंट की सुरक्षा से जुड़े जरूरी अलर्ट जैसे कुछ महत्वपूर्ण नोटिफिकेशन जारी रह सकते हैं।

हर 15 मिनट में मिलेगा स्क्रीन टाइम रिमाइंडर
Meta किशोरों को सोशल मीडिया के लगातार इस्तेमाल से बचाने के लिए नियमित रिमाइंडर भी देगा। कंपनी के मुताबिक, Facebook और Instagram पर लगातार 15 मिनट स्क्रीन टाइम पूरा होने के बाद किशोरों को एक प्रॉम्प्ट मिलेगा। इसके अलावा 60 मिनट और 90 मिनट का कुल दैनिक इस्तेमाल पूरा होने पर भी रिमाइंडर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य यूजर्स को यह सोचने के लिए प्रेरित करना है कि वे सोशल मीडिया पर कितना समय खर्च कर रहे हैं।
किशोरों के कंटेंट पर भी होंगे बदलाव
Meta के नए सुरक्षा उपाय केवल स्क्रीन टाइम तक सीमित नहीं हैं। किशोरों के अनुभव को सुरक्षित बनाने के लिए कंपनी ने कई अन्य बदलावों की भी घोषणा की है। इनमें किशोरों के पोस्ट पर लाइक और रिएक्शन की संख्या को छिपाना, कुछ कॉस्मेटिक और सर्जरी से जुड़े फिल्टर पर रोक, बेहतर एज-वेरिफिकेशन और मजबूत पैरेंटल कंट्रोल जैसे उपाय शामिल हैं। Meta का उद्देश्य किशोरों को ऐसे ऑनलाइन माहौल से बचाना है जो उन पर अनावश्यक सामाजिक दबाव डाल सकता है।

Meta ने क्यों उठाया यह कदम?
पिछले कुछ वर्षों में बच्चों और किशोरों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर अमेरिका में Meta के खिलाफ कई कानूनी मामले सामने आए हैं। आरोपों में सोशल मीडिया की लत और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे शामिल रहे हैं। अगस्त 2026 में Meta ने अमेरिकी राज्यों के अटॉर्नी जनरल के एक बड़े समूह के साथ समझौते की घोषणा की, जिसके तहत किशोरों के लिए कई नए सुरक्षा उपाय शामिल किए गए हैं। Meta का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य माता-पिता को अपने बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर बेहतर नियंत्रण देना और किशोरों के लिए सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करना है।

क्या भारत में भी बंद होगा Instagram और Facebook?
फिलहाल इस खबर को लेकर सबसे जरूरी बात यही है कि इसे सभी भारतीय यूजर्स पर लागू होने वाला नियम समझना सही नहीं होगा। Meta की ताजा घोषणा अमेरिकी राज्यों के साथ हुए समझौते और वहां के किशोर यूजर्स से संबंधित है। इसलिए भारत में हर व्यक्ति के लिए रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक Instagram और Facebook बंद होने की बात कहना सही नहीं है। भारत में Instagram पहले से ही Teen Accounts के जरिए किशोरों के लिए कुछ सुरक्षा सुविधाएं देता है। Meta ने भारत में Instagram Teen Accounts के लिए रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक Sleep Mode का प्रावधान भी बताया था, जिसमें रात के समय नोटिफिकेशन म्यूट किए जाते हैं और DM के लिए ऑटो-रिप्लाई भेजा जा सकता है।

TikTok और YouTube को भी साथ आने की अपील
Meta ने इस पहल को केवल Instagram और Facebook तक सीमित रखने के बजाय दूसरे बड़े प्लेटफॉर्म्स को भी इसी तरह के नियम अपनाने की अपील की है। कंपनी ने TikTok और YouTube से किशोरों की सुरक्षा के लिए समान उपाय लागू करने का आग्रह किया है। Meta का तर्क है कि अगर किसी एक प्लेटफॉर्म पर किशोरों का इस्तेमाल सीमित किया जाता है, लेकिन दूसरे प्लेटफॉर्म पर वही गतिविधि जारी रहती है, तो समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी। इसलिए कंपनी सोशल मीडिया इंडस्ट्री में व्यापक स्तर पर किशोर सुरक्षा के लिए समान मानक चाहती है।

माता-पिता के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
आज बच्चों और किशोरों के बीच सोशल मीडिया का इस्तेमाल काफी सामान्य हो चुका है। देर रात तक रील्स, वीडियो और पोस्ट देखने की आदत स्क्रीन टाइम बढ़ा सकती है। ऐसे में Night Mode, दैनिक समय सीमा और पैरेंटल कंट्रोल जैसे फीचर्स माता-पिता के लिए बच्चों के डिजिटल व्यवहार को मैनेज करने का एक अतिरिक्त साधन बन सकते हैं। हालांकि, इन फीचर्स की सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि बच्चे और माता-पिता इनका इस्तेमाल किस तरह करते हैं। सिर्फ तकनीकी प्रतिबंध लगाने के बजाय बच्चों के साथ स्क्रीन टाइम, ऑनलाइन सुरक्षा और सोशल मीडिया की जिम्मेदार आदतों को लेकर बातचीत करना भी जरूरी है।

Meta का नया Digital Bedtime और Night Mode किशोरों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को नियंत्रित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था में रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक Instagram और Facebook पर किशोरों का एक्सेस बंद रहेगा, रोजाना दो घंटे की डिफॉल्ट टाइम लिमिट होगी और स्कूल समय में नोटिफिकेशन म्यूट किए जाएंगे। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह बदलाव मुख्य रूप से 18 साल से कम उम्र के किशोरों और अमेरिकी समझौते के संदर्भ में है, न कि सभी यूजर्स के लिए रात में Facebook और Instagram बंद करने का वैश्विक नियम।

