By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 17 सितंबर 2026 को अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर देश के अलग-अलग हिस्सों से लेकर विदेशों तक उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी जा रही हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और अन्य सार्वजनिक हस्तियों ने प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया पर भी पीएम मोदी के जन्मदिन को लेकर लगातार संदेश सामने आ रहे हैं। नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के मेहसाणा जिले के वडनगर में हुआ था। प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक जीवनी के मुताबिक, उनका बचपन वडनगर में बीता और शुरुआती जीवन में उन्होंने परिवार की मदद के लिए चाय की दुकान पर भी काम किया। किशोरावस्था के बाद उन्होंने देश के अलग-अलग हिस्सों की यात्रा की और बाद में अहमदाबाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े।

नरेंद्र मोदी का राजनीतिक सफर कई दशकों में फैला हुआ है। गुजरात की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के बाद उन्होंने वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री का पद संभाला। इसके बाद 2014 में वे देश के प्रधानमंत्री बने। 2019 में दूसरी बार और 2024 में तीसरी बार उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। 9 जून 2024 को उन्होंने लगातार तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।
वडनगर से प्रधानमंत्री पद तक का सफर
नरेंद्र मोदी की राजनीतिक यात्रा को समझने के लिए उनके शुरुआती जीवन और संगठनात्मक अनुभवों को भी देखा जाता है। प्रधानमंत्री कार्यालय की जीवनी के अनुसार, उन्होंने कम उम्र में ही सामाजिक और सार्वजनिक गतिविधियों में रुचि लेना शुरू कर दिया था। बाद में संगठन के साथ काम करते हुए उन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों से जुड़ने और संगठनात्मक कार्यों का अनुभव मिला। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल वर्ष 2001 से 2014 तक रहा। इस दौरान गुजरात की राजनीति में उनकी भूमिका राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में रही। वर्ष 2014 में उन्होंने लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ केंद्र की सत्ता संभाली और प्रधानमंत्री बने।

इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन को दोबारा बहुमत मिला और नरेंद्र मोदी ने दूसरी बार प्रधानमंत्री पद संभाला। 2024 के आम चुनाव के बाद उन्होंने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इस तरह उनका सार्वजनिक जीवन एक लंबी राजनीतिक यात्रा का रूप ले चुका है।
लंबे राजनीतिक सफर की कौन-सी बातें चर्चा में रही हैं?
नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर की कई विशेषताएं राजनीतिक विश्लेषण और सार्वजनिक चर्चा का विषय रही हैं। इनमें संगठनात्मक अनुभव, लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहना, जनसंपर्क, चुनावी अभियानों में तकनीक और सोशल मीडिया का इस्तेमाल तथा सरकार की योजनाओं को बड़े स्तर पर लोगों तक पहुंचाने की रणनीति शामिल हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक जीवनी में उनके लोगों के साथ सीधे संवाद और डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल का भी उल्लेख किया गया है। पिछले वर्षों में सोशल मीडिया प्रधानमंत्री के सार्वजनिक संवाद का एक प्रमुख माध्यम बना है।

उनके समर्थक उनके लंबे राजनीतिक सफर में निरंतरता, संगठनात्मक क्षमता और जनसंपर्क को महत्वपूर्ण मानते हैं। दूसरी ओर, विपक्षी दल उनके कार्यकाल की नीतियों और फैसलों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक और नीतिगत सवाल उठाते रहे हैं। इसलिए नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर को समझने के लिए उनके समर्थकों और आलोचकों, दोनों के दृष्टिकोणों के साथ-साथ उनके कार्यकाल के दस्तावेजी रिकॉर्ड को देखना जरूरी है।

जन्मदिन पर देशभर में कार्यक्रम
प्रधानमंत्री के 76वें जन्मदिन के मौके पर देश के अलग-अलग हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वाराणसी में विशेष कार्यक्रमों की तैयारियां की गई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, काशी से गुजरात के वडनगर तक विशेष बाइक यात्रा भी आयोजित की जा रही है। इसके अलावा देश के विभिन्न हिस्सों में सेवा और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी सामने आई है। दिल्ली में भी प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। वहीं, कई राजनीतिक नेताओं और सार्वजनिक हस्तियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दी हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा?
जन्मदिन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बड़ी संख्या में शुभकामनाएं मिलने के बीच उन्होंने लोगों के प्रति आभार भी व्यक्त किया है। उनके संदेशों में देश की सेवा के प्रति प्रतिबद्धता और लोगों के आशीर्वाद को महत्व देने की बात सामने आई है। 76वां जन्मदिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उनके लंबे सार्वजनिक जीवन के एक और पड़ाव को दर्शाता है। वडनगर से शुरू हुई उनकी यात्रा गुजरात के मुख्यमंत्री पद से होते हुए देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंची और अब वे लगातार तीसरे कार्यकाल में प्रधानमंत्री के रूप में कार्यरत हैं।

नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर की सबसे खास खूबी क्या रही है, यह अलग-अलग लोगों के लिए अलग हो सकता है। किसी के लिए संगठनात्मक अनुभव और लगातार सक्रिय रहना महत्वपूर्ण है, तो कोई उनके जनसंपर्क और डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल को प्रमुखता देता है। वहीं, उनके राजनीतिक विरोधी उनके फैसलों और नीतियों के आधार पर अलग दृष्टिकोण रखते हैं। ऐसे में उनके लंबे राजनीतिक सफर का आकलन करते समय व्यक्तिगत पसंद के बजाय उनके सार्वजनिक रिकॉर्ड, फैसलों और वर्षों के राजनीतिक अनुभव को आधार बनाना अधिक तथ्यात्मक दृष्टिकोण माना जा सकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर देशभर से मिल रही शुभकामनाओं के बीच उनके लगभग ढाई दशक से अधिक लंबे निर्वाचित सार्वजनिक जीवन की यात्रा एक बार फिर चर्चा में है। वडनगर से शुरू हुआ यह सफर आज भारत के प्रधानमंत्री पद तक पहुंच चुका है और भारतीय राजनीति के समकालीन इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।


