By: Vikash, Mala Mandal
देवघर। जिले में आगामी 19 अप्रैल को आयोजित होने वाली झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा (जेपीएससी) प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने को लेकर प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। इसी क्रम में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा की अध्यक्षता में शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण ब्रीफिंग का आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य परीक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा करना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देना था।

ब्रीफिंग के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि परीक्षा की गरिमा बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों, दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और केंद्राधीक्षकों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ करें। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या कदाचार को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में परीक्षा से संबंधित सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक समन्वय और अभ्यर्थियों की सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने बताया कि जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा गश्ती दल, स्टैटिक मजिस्ट्रेट और जोनल मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई है, जो परीक्षा के दौरान लगातार निगरानी रखेंगे।

उपायुक्त ने जोनल मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के परीक्षा केंद्रों का नियमित निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। इसमें अभ्यर्थियों के बैठने की उचित व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई और पर्याप्त रोशनी जैसी सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने केंद्राधीक्षकों को भी निर्देश दिया कि वे परीक्षा से पूर्व सभी व्यवस्थाओं की जांच कर लें, ताकि परीक्षा के दिन किसी प्रकार की परेशानी न हो।

परीक्षा के दौरान नकल और कदाचार पर रोक लगाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य की गई है। इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर वीडियोग्राफी की भी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्टैटिक मजिस्ट्रेटों को परीक्षा कक्षों के भीतर और आसपास कड़ी निगरानी रखने के लिए कहा गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि को तुरंत रोका जा सके।

उपायुक्त ने पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क रहें। गश्ती दल को लगातार भ्रमण करते हुए स्थिति पर नजर रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर जैमर, अग्निशमन वाहन और पार्किंग व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

परीक्षा सामग्री के सुरक्षित परिवहन और संग्रहण को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि प्रश्न पत्रों को समय से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाना और परीक्षा समाप्ति के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को सुरक्षित तरीके से जमा कराना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने को कहा गया है।
विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला नियंत्रण कक्ष 19 अप्रैल को सुबह 7 बजे से सक्रिय रहेगा। यह नियंत्रण कक्ष परीक्षा सामग्री के सुरक्षित संग्रहण तक लगातार कार्य करता रहेगा और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान करेगा।

बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, ट्रैफिक डीएसपी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी सहित सभी केंद्राधीक्षक, उड़नदस्ता मजिस्ट्रेट, स्टैटिक मजिस्ट्रेट और अन्य संबंधित अधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे।
अंत में उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो। उन्होंने कहा कि यह परीक्षा अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ी है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए।

