By: Vikash, Mala Mandal
देवघर। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज एक दिवसीय दौरे पर झारखंड के देवघर पहुंचे, जहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। यह दौरा कई मायनों में खास माना जा रहा है, क्योंकि मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य से बाहर यह उनका पहला आधिकारिक दौरा है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पटना से हवाई मार्ग के जरिए सीधे देवघर एयरपोर्ट पहुंचे। एयरपोर्ट पर स्थानीय प्रशासन और पार्टी नेताओं द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इसके बाद वे सीधे बाबा बैद्यनाथ मंदिर के लिए रवाना हो गए। मंदिर परिसर में उनके आगमन को लेकर पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने पूरे विधि-विधान के साथ षोडशोपचार पूजा की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने भगवान शिव का जलाभिषेक किया और राज्य एवं देश की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर के तीर्थ पुरोहितों ने पारंपरिक तरीके से पूजा संपन्न कराई। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी, जिससे आम श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

मुख्यमंत्री ने बाबा बैद्यनाथ मंदिर प्रांगण में स्थित अन्य मंदिरों में भी दर्शन किए और माथा टेका। धार्मिक आस्था से जुड़े इस दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि बाबा बैद्यनाथ में उनकी गहरी श्रद्धा है और वे हमेशा यहां आकर आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं।

गौरतलब है कि सम्राट चौधरी इससे पहले भी उप मुख्यमंत्री रहते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम आ चुके हैं। उस समय भी उन्होंने विशेष पूजा-अर्चना की थी। मुख्यमंत्री बनने के बाद उनका यह दौरा धार्मिक और राजनीतिक दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मंदिर प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री को सम्मानित भी किया गया। उन्हें बाबा बैद्यनाथ का प्रतीक चिन्ह और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। मंदिर के अधिकारियों ने बताया कि यह परंपरा है कि जो भी विशिष्ट अतिथि यहां आते हैं, उन्हें इस प्रकार सम्मानित किया जाता है।

इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी रही। जिला प्रशासन, पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर पूरे मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में निगरानी रखी। वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था में भी बदलाव किया गया था ताकि आम जनता को कम से कम असुविधा हो।
पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी देवघर से निकलकर बासुकीनाथ धाम के लिए रवाना हो गए। बासुकीनाथ धाम को बाबा बैद्यनाथ धाम का पूरक माना जाता है और धार्मिक मान्यता के अनुसार बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के बाद बासुकीनाथ जाना शुभ माना जाता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा बिहार और झारखंड के बीच सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में भी एक अहम कदम है। देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु आते हैं, जिनमें बिहार से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक होती है।
मुख्यमंत्री के इस दौरे को लेकर स्थानीय लोगों में भी उत्साह देखा गया। कई लोगों ने इसे क्षेत्र के विकास और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाला कदम बताया। वहीं प्रशासनिक स्तर पर भी इस दौरे को सफल बनाने के लिए सभी तैयारियां पहले से ही पूरी कर ली गई थीं।

देवघर और आसपास के क्षेत्रों में मुख्यमंत्री के इस दौरे का व्यापक प्रभाव देखने को मिला। स्थानीय व्यापारियों और पर्यटन से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि इस तरह के उच्चस्तरीय दौरे से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे आर्थिक गतिविधियां भी तेज होंगी।
कुल मिलाकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का यह देवघर दौरा धार्मिक आस्था, प्रशासनिक सक्रियता और राजनीतिक महत्व का एक संतुलित उदाहरण बनकर सामने आया है।

