By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
आज 30 मई 2026, शनिवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है और पुरुषोत्तम मास का 14वां दिन है। आज के दिन रवि योग का शुभ संयोग बन रहा है, जिसे कई शुभ कार्यों के लिए लाभकारी माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रवि योग बनने से कई बाधाएं दूर होती हैं और कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

आज शिव योग भी पूरे दिन बना रहेगा, जिससे पूजा-पाठ, दान-पुण्य, धार्मिक कार्य और नए कार्यों की शुरुआत करना शुभ माना जा रहा है। अगर आप किसी महत्वपूर्ण कार्य की योजना बना रहे हैं तो दिन के शुभ और अशुभ मुहूर्त को ध्यान में रखना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। आइए जानते हैं आज का पूरा पंचांग, राहुकाल, सूर्योदय-सूर्यास्त का समय और अन्य जरूरी ज्योतिषीय जानकारी।
आज की तिथि
चतुर्दशी तिथि आज सुबह 11 बजकर 57 मिनट तक रहेगी। इसके बाद पूर्णिमा तिथि प्रारंभ हो जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चतुर्दशी तिथि भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष मानी जाती है।

आज का नक्षत्र
आज विशाखा नक्षत्र दोपहर 1 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। इसके बाद अनुराधा नक्षत्र शुरू होगा। ज्योतिष में विशाखा नक्षत्र को सफलता, प्रगति और नए अवसरों का प्रतीक माना जाता है।
आज का योग
आज पूरे दिन शिव योग का निर्माण हो रहा है। यह योग शुभ और सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जाता है। धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों के लिए यह योग बेहद शुभ माना जाता है।

आज का करण
आज वणिज करण सुबह 11 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। इसके बाद विष्टि करण प्रारंभ होगा जो अगले दिन यानी 31 मई को रात 1 बजकर 5 मिनट तक रहेगा।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
आज सूर्योदय सुबह 5 बजकर 24 मिनट पर होगा जबकि सूर्यास्त शाम 7 बजकर 13 मिनट पर होगा। दिन की अवधि लंबी रहने वाली है।

चंद्रोदय और चंद्रास्त का समय
आज चंद्रोदय शाम 6 बजकर 40 मिनट पर होगा जबकि चंद्रास्त अगले दिन यानी 31 मई को सुबह 4 बजकर 50 मिनट पर होगा।
आज का राहुकाल
शनिवार के दिन राहुकाल को अशुभ समय माना जाता है। आज राहुकाल सुबह 8 बजकर 54 मिनट से 10 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। इस दौरान कोई भी शुभ या नया कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।

आज के शुभ मुहूर्त
आज रवि योग और शिव योग का विशेष संयोग बन रहा है। सुबह और दोपहर का समय पूजा-पाठ, खरीदारी, निवेश, नए काम की शुरुआत और धार्मिक कार्यों के लिए शुभ माना जा रहा है।
हिन्दू लूनर दिनांक
शक संवत – 1948 विश्वावसु
विक्रम संवत – 2083 कालयुक्त
गुजराती संवत – 2082 पिङ्गल
चंद्र मास – ज्येष्ठ (अधिक) पूर्णिमांत और अमांत

धार्मिक महत्व
आज का दिन भगवान शिव की पूजा और व्रत के लिए विशेष माना जाता है। रवि योग और शिव योग के कारण आज किए गए धार्मिक कार्यों का विशेष फल प्राप्त हो सकता है। कई लोग आज मंदिर जाकर पूजा-अर्चना करेंगे और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।
आज क्या करें
आज सुबह स्नान के बाद भगवान सूर्य को जल अर्पित करना शुभ माना गया है। शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त हो सकती है। जरूरतमंद लोगों को दान करना भी शुभ फलदायी माना गया है।
यह पंचांग और ज्योतिषीय जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य गणनाओं पर आधारित है। विभिन्न स्थानों के अनुसार समय और मुहूर्त में थोड़ा अंतर हो सकता है। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

