By: Mala Mandal
देवघर। सावन माह के प्रथम दिन के साथ ही विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 पूरी तरह भक्तिमय माहौल में प्रवेश कर गया। गुरुवार से सुल्तानगंज की पवित्र उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर लाखों शिवभक्तों का जत्था बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर लगातार बढ़ने लगा है। कांवरियों के कदम जैसे-जैसे देवघर की ओर बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे पूरा कांवरिया पथ “बोल बम”, “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से गूंज उठा है। श्रद्धालुओं के चेहरे पर बाबा के दर्शन और जलार्पण का उत्साह साफ दिखाई दे रहा है।

हिंदू धर्म में श्रावण मास का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि सावन में भगवान शिव को गंगाजल अर्पित करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के साथ देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे लाखों श्रद्धालु बिहार के सुल्तानगंज स्थित उत्तरवाहिनी गंगा से पवित्र जल भरते हैं और लगभग 108 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा पूरी कर झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचते हैं। यहां वे बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।

श्रावणी मेले के पहले दिन से ही कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दिखाई देने लगी हैं। कोई समूह में भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़ रहा है तो कोई डाक बम के रूप में बिना रुके तेज गति से बाबा धाम की ओर निकल पड़ा है। पूरा मार्ग भगवा वस्त्रधारी शिवभक्तों से पट गया है। रास्ते भर धार्मिक गीत, ढोल-नगाड़े और शिवभक्ति का अद्भुत वातावरण श्रद्धालुओं में नई ऊर्जा का संचार कर रहा है।

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने कांवरिया पथ पर व्यापक व्यवस्था की है। नंगे पांव चलने वाले शिवभक्तों को राहत देने के लिए पूरे मार्ग पर मखमली बालू बिछाई गई है। इसके अलावा नियमित सफाई, पेयजल की व्यवस्था, मोबाइल शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, विश्राम स्थल और चिकित्सा सुविधाओं को भी सुदृढ़ किया गया है ताकि किसी भी श्रद्धालु को यात्रा के दौरान परेशानी का सामना न करना पड़े।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से कांवरिया पथ पर कई चिकित्सा शिविर संचालित किए जा रहे हैं। चिकित्सकों, नर्सों और पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती की गई है। एंबुलेंस सेवा भी 24 घंटे उपलब्ध है ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके। गर्मी, थकान या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए आवश्यक दवाइयों और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था भी की गई है।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। कांवरिया पथ से लेकर बाबा मंदिर क्षेत्र तक पुलिस बल, दंडाधिकारी और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। प्रमुख स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित बनी रहे। भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं और लगातार निगरानी रखी जा रही है।

प्रशासनिक व्यवस्था के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी कांवरियों की सेवा के लिए निःशुल्क सेवा शिविर लगाए हैं। इन शिविरों में श्रद्धालुओं को भोजन, शर्बत, पेयजल, चाय, प्राथमिक उपचार, विश्राम और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सेवा शिविरों में स्वयंसेवक दिन-रात श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे हुए हैं। कई स्थानों पर फल, ग्लूकोज, दवाइयां और आवश्यक सामग्री भी निःशुल्क वितरित की जा रही है।

देवघर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं में इस बार विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। बाबा मंदिर में जलार्पण को लेकर भक्तों में अपार श्रद्धा है। मंदिर परिसर और उसके आसपास श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं के सुगम जलार्पण के लिए कतारबद्ध व्यवस्था, बैरिकेडिंग और अन्य आवश्यक इंतजाम किए हैं ताकि दर्शन और जलार्पण की प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सके।

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि आस्था, सेवा और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु कठिन यात्रा पूरी कर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए देवघर पहुंचते हैं। इस वर्ष भी सावन के पहले दिन से जिस तरह कांवरियों का सैलाब उमड़ना शुरू हुआ है, उससे आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में और अधिक वृद्धि होने की संभावना है। जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न सेवा संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने का प्रयास लगातार जारी है। पूरा देवघर इस समय शिवमय वातावरण में डूबा हुआ है और बाबा धाम में आस्था का यह महापर्व अपने पूरे वैभव के साथ आगे बढ़ रहा है।

