By: Mala Mandal
देवघर। विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 में इस बार बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर श्रद्धालुओं को केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि आधुनिक कला और सनातन संस्कृति का अद्भुत संगम भी देखने को मिल रहा है। श्रावणी मेले में देश-विदेश से आने वाले लाखों कांवरियों और श्रद्धालुओं को एक दिव्य एवं अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से देवघर नगर निगम ने शिवगंगा सरोवर के घाटों को आकर्षक 3D पेंटिंग्स से सजा दिया है। भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों, गंगावतरण, त्रिशूल, डमरू और शिव तत्व को दर्शाती इन त्रिविमीय कलाकृतियों ने पूरे शिवगंगा परिसर को नया स्वरूप प्रदान किया है।

राजकीय श्रावणी मेला 2026 के दौरान उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया के निर्देश पर नगर निगम द्वारा यह विशेष पहल की गई है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण के साथ-साथ एक ऐसा दृश्य अनुभव उपलब्ध कराना है, जो उनके मन में बाबा नगरी की अविस्मरणीय छवि छोड़ जाए। जैसे ही श्रद्धालु शिवगंगा घाट पर पहुंचते हैं, उन्हें ऐसा महसूस होता है मानो भगवान शिव स्वयं अपनी दिव्य उपस्थिति का आभास करा रहे हों। कलाकृतियों की सजीवता और रंगों का संयोजन लोगों को सहज ही अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।

भगवान शिव की महिमा और गंगावतरण का अद्भुत चित्रण
शिवगंगा घाटों पर बनाई गई 3D पेंटिंग्स में भगवान शिव के कई दिव्य स्वरूपों को अत्यंत आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। कहीं भगवान शिव ध्यान मुद्रा में दिखाई देते हैं तो कहीं उनके त्रिशूल और डमरू का भव्य चित्रण देखने को मिलता है। सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरण का दृश्य बना हुआ है, जिसे कलाकारों ने अत्यंत जीवंत रूप में उकेरा है। ऐसा प्रतीत होता है मानो स्वयं गंगा धरती पर उतर रही हों और भगवान शिव उन्हें अपनी जटाओं में धारण कर रहे हों। इन कलाकृतियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को सनातन संस्कृति, शिव महिमा और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं का संदेश भी मिल रहा है। श्रद्धालु इन चित्रों को देखकर भाव-विभोर हो रहे हैं और पूरे वातावरण में भक्ति एवं आस्था का विशेष एहसास दिखाई दे रहा है।

श्रद्धालुओं के लिए बना सबसे बड़ा सेल्फी प्वाइंट
शिवगंगा सरोवर के घाट इस वर्ष केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि पर्यटन और आकर्षण के लिहाज से भी सबसे खास स्थान बनकर उभरे हैं। भगवान शिव की विशाल 3D कलाकृतियों के सामने श्रद्धालु अपने मोबाइल फोन से लगातार तस्वीरें और वीडियो बना रहे हैं। युवा वर्ग इन स्थानों पर रील्स और सोशल मीडिया कंटेंट तैयार कर रहा है, जबकि परिवार अपने इस धार्मिक सफर को यादगार बनाने के लिए तस्वीरें खिंचवा रहे हैं। सुबह से देर शाम तक शिवगंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ इन कलाकृतियों को देखने और उनके साथ फोटो लेने के लिए उमड़ रही है। इस कारण पूरा परिसर एक विशाल ‘सेल्फी प्वाइंट’ में तब्दील हो गया है। सोशल मीडिया पर भी इन तस्वीरों और वीडियो की तेजी से चर्चा हो रही है, जिससे बाबा नगरी की सुंदरता देशभर तक पहुंच रही है।

आस्था और आधुनिक कला का अनूठा संगम
देवघर नगर निगम की यह पहल पारंपरिक धार्मिक स्थलों को आधुनिक कलात्मक प्रस्तुति से जोड़ने का सफल प्रयास मानी जा रही है। जहां एक ओर श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलार्पण के लिए देवघर पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शिवगंगा घाटों की यह नई पहचान उन्हें आध्यात्मिक अनुभूति के साथ आधुनिक दृश्य कला का भी अनुभव करा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की कलात्मक पहल धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देती है। इससे श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों में भी धार्मिक स्थलों के प्रति आकर्षण बढ़ता है और स्थानीय संस्कृति का व्यापक प्रचार-प्रसार होता है।

नगर निगम की पहल को मिल रही सराहना
देवघर नगर निगम द्वारा किए गए इस नवाचार की श्रद्धालु, स्थानीय नागरिक और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा सराहना की जा रही है। लोगों का कहना है कि पहली बार शिवगंगा घाट इस प्रकार के आकर्षक स्वरूप में दिखाई दे रहा है। इससे बाबा नगरी की भव्यता और भी अधिक बढ़ गई है तथा श्रावणी मेले की दिव्यता में नया आयाम जुड़ गया है।

नगर आयुक्त सुलोचना मीना ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल साफ-सफाई और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि बाबा धाम आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को ऐसा अनुभव देना है जिसे वह जीवनभर याद रख सके। उन्होंने कहा कि शिवगंगा सनातन संस्कृति और आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां तैयार की गई 3D पेंटिंग्स न केवल घाटों की सुंदरता बढ़ा रही हैं, बल्कि नई पीढ़ी को आधुनिक डिजिटल युग के माध्यम से भगवान शिव की महिमा और भारतीय संस्कृति से जोड़ने का कार्य भी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम भविष्य में भी धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और आधुनिक विकास के लिए इसी प्रकार की अभिनव योजनाओं पर कार्य करता रहेगा, ताकि देवघर आने वाले श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं और आकर्षक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

श्रावणी मेला 2026 में बना नया आकर्षण
विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होता है। इस वर्ष शिवगंगा घाटों पर तैयार की गई जीवंत 3D कलाकृतियों ने मेले की भव्यता में नया अध्याय जोड़ दिया है। भगवान शिव की दिव्यता, गंगावतरण की अलौकिक झलक और आधुनिक कला का यह अद्भुत संगम श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभव के साथ-साथ अविस्मरणीय स्मृतियां भी संजो रहा है। यही कारण है कि श्रावणी मेला 2026 में शिवगंगा घाट श्रद्धालुओं के लिए सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बन गया है और बाबा नगरी की यह नई पहचान आने वाले वर्षों तक लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती रहेगी।


