By: Mala Mandal
देवघर। विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 के तीसरे दिन रविवार को बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर पूरी तरह शिवमय नजर आई। सावन के पावन माह में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे लाखों शिवभक्तों ने “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ बाबा बैद्यनाथ के दरबार में जलार्पण कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना की। सुबह से ही मंदिर परिसर, शिवगंगा, कतारबद्ध मार्ग और संपूर्ण मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर देखने को मिला।

जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार रविवार को अहले सुबह 4:15 बजे जलार्पण की प्रक्रिया प्रारंभ हुई। इसके बाद पूरे दिन श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। तीसरे दिन कुल 1,27,533 श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक किया, जो श्रावणी मेले में उमड़ रही आस्था का बड़ा प्रमाण है।

आंकड़ों के मुताबिक बाह्य अर्घा के माध्यम से 27,354 श्रद्धालुओं, आंतरिक अर्घा से 94,528 श्रद्धालुओं तथा शीघ्र दर्शनम व्यवस्था के तहत 5,651 श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ पर जल अर्पित किया। प्रशासन द्वारा बनाई गई व्यवस्थाओं के कारण श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से मंदिर में प्रवेश और जलार्पण करने का अवसर मिला।

श्रावणी मेले के तीसरे दिन मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। कांवरिया पथ से जल लेकर पहुंचे श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारों के साथ उत्साहपूर्वक आगे बढ़ते रहे। पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा और बाबा नगरी का प्रत्येक मार्ग शिवभक्ति के रंग में रंगा दिखाई दिया।

जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा मेला प्रबंधन की ओर से सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता और भीड़ नियंत्रण के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर और प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर चिकित्सा शिविर, पेयजल केंद्र, विश्राम स्थल, शौचालय और सूचना सहायता केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं। कांवरिया पथ से लेकर बाबा मंदिर तक सफाई व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाए रखने के लिए नगर निगम और संबंधित विभागों की टीमें चौबीसों घंटे कार्यरत हैं।

श्रावणी मेले में इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। पहले दो दिनों की तुलना में तीसरे दिन मंदिर परिसर में अधिक भीड़ देखने को मिली। प्रशासन का अनुमान है कि आने वाले सोमवारी और अन्य विशेष तिथियों पर श्रद्धालुओं की संख्या में और अधिक वृद्धि हो सकती है। इसे देखते हुए सभी संबंधित विभागों को पूरी सतर्कता और समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए स्वयंसेवी संस्थाएं भी प्रशासन के साथ मिलकर सेवा कार्यों में जुटी हुई हैं। जगह-जगह निःशुल्क पेयजल, प्राथमिक उपचार, भोजन और विश्राम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे दूर-दराज से आने वाले कांवरियों को काफी राहत मिल रही है।

विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में चल रहा राजकीय श्रावणी मेला केवल धार्मिक आस्था का ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सेवा भावना का भी प्रतीक बन चुका है। देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले लाखों श्रद्धालु एक साथ भगवान भोलेनाथ की आराधना कर आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कर रहे हैं।

श्रावणी मेले के तीसरे दिन 1,27,533 श्रद्धालुओं द्वारा जलार्पण के साथ यह स्पष्ट हो गया है कि बाबा बैद्यनाथ के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था निरंतर बढ़ रही है। प्रशासन द्वारा की गई सुव्यवस्थित तैयारियों और बेहतर प्रबंधन के कारण श्रद्धालु सुरक्षित एवं सुगम तरीके से जलार्पण कर रहे हैं। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाए रखने का भरोसा जताया है।

