By: Mala Mandal
देवघर। विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 के सफल, सुरक्षित और व्यवस्थित संचालन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। देश-विदेश से लाखों शिवभक्तों के आगमन के बीच श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम जलार्पण और बेहतर नागरिक सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने शनिवार को बाबा मंदिर परिसर, शिवगंगा, नेहरू पार्क और आसपास के मेला क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न व्यवस्थाओं का स्थल पर जाकर जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि श्रावणी मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है कि प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।
IMCR पहुंचकर AI आधारित निगरानी व्यवस्था का लिया जायजा
उपायुक्त का निरीक्षण विशेष रूप से इंटीग्रेटेड मेला कंट्रोल रूम (IMCR) पर केंद्रित रहा। यहां उन्होंने स्थापित आधुनिक निगरानी प्रणाली का अवलोकन किया और तकनीकी अधिकारियों एवं कार्यदायी एजेंसी को निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीक का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि AI तकनीक के माध्यम से भीड़ के घनत्व, रूट लाइन की स्थिति, श्रद्धालुओं की आवाजाही तथा संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी की जाएगी। यदि किसी स्थान पर अचानक भीड़ बढ़ती है या किसी प्रकार की असामान्य स्थिति उत्पन्न होती है तो कंट्रोल रूम से तुरंत संबंधित अधिकारियों और सुरक्षा बलों को सूचना देकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इससे दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी और भीड़ प्रबंधन अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।

रीयल-टाइम मॉनिटरिंग से होगा त्वरित रिस्पॉन्स
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कंट्रोल रूम में तैनात कर्मी 24 घंटे सक्रिय रहें और सभी कैमरों व तकनीकी उपकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि रीयल-टाइम डाटा के आधार पर निर्णय लेने की व्यवस्था विकसित की जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। उन्होंने तकनीकी टीम से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी कैमरे, संचार प्रणाली और अन्य उपकरण निर्बाध रूप से कार्य करें।

स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने बाबा मंदिर परिसर, शिवगंगा और आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरे मेला क्षेत्र में 24 घंटे स्वच्छता बनाए रखी जाए। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेले में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, इसलिए स्वच्छ वातावरण बनाए रखना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने अतिरिक्त सफाईकर्मियों की प्रतिनियुक्ति, रोटेशन प्रणाली के तहत नियमित सफाई और कचरा निस्तारण की त्वरित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही सार्वजनिक शौचालयों, पेयजल स्थलों और प्रमुख मार्गों की नियमित सफाई पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

श्रद्धालुओं को मिले सुरक्षित और सुखद अनुभव
उपायुक्त ने निरीक्षण के दौरान कहा कि देवघर आने वाला प्रत्येक शिवभक्त प्रशासन के लिए देवतुल्य है। उन्होंने मेला ड्यूटी में तैनात सभी दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और सुरक्षा बलों को निर्देश दिया कि वे अपनी ड्यूटी केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी के रूप में नहीं बल्कि सेवा के अवसर के रूप में निभाएं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के साथ विनम्र व्यवहार, त्वरित सहायता और संवेदनशीलता प्रशासन की पहचान होनी चाहिए। किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की परेशानी होने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। पुलिस बल को भीड़ नियंत्रण के दौरान संयम और धैर्य बनाए रखने तथा श्रद्धालुओं को सम्मानपूर्वक मार्गदर्शन देने का निर्देश दिया गया।

सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय के निर्देश
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत, नगर निगम, अग्निशमन, आपदा प्रबंधन और पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान तत्काल किया जाए और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि कंट्रोल रूम और फील्ड में तैनात अधिकारियों के बीच लगातार संवाद बना रहे ताकि किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई हो सके।

प्रशासन का लक्ष्य—सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित श्रावणी मेला
श्रावणी मेला 2026 को लेकर जिला प्रशासन आधुनिक तकनीक, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, व्यापक स्वच्छता अभियान और समन्वित प्रशासनिक कार्ययोजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध दिखाई दे रहा है। उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया के निरीक्षण और दिए गए निर्देशों से स्पष्ट है कि इस बार प्रशासन तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता दोनों के समन्वय से मेले का संचालन करना चाहता है।

प्रशासन का उद्देश्य केवल भीड़ नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु को ऐसा अनुभव देना है जिससे देवघर की धार्मिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक छवि देश-विदेश में और अधिक मजबूत हो। AI आधारित निगरानी, 24×7 स्वच्छता व्यवस्था, प्रभावी सुरक्षा प्रबंधन और ‘सेवा भाव’ की भावना के साथ इस वर्ष का श्रावणी मेला श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और यादगार बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।


