By: Vikash, Mala Mandal
रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren से आज कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में प्रशासनिक एवं पुलिस सेवा में नव पदस्थापित अधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट की। इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में हाल ही में पदस्थापित अधिकारियों ने मुख्यमंत्री से औपचारिक परिचय किया और अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यों को लेकर चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि प्रशासनिक सेवा का मूल उद्देश्य जनता की सेवा करना है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में जनहित से जुड़े मुद्दों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड जैसे राज्य में विकास की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इन संभावनाओं को साकार करने के लिए प्रशासनिक सक्रियता और पारदर्शिता बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जवाबदेही के साथ करें।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने सुशासन को लेकर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास जीतना ही प्रशासन की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। इसके लिए आवश्यक है कि अधिकारी आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीक का उपयोग कर प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सकता है।

बैठक में शामिल अधिकारियों में आईजी शैलेन्द्र कुमार, आईजी माइकल राज एस एवं आईजी क्रांति कुमार गढ़देशी प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इसके अलावा लोहरदगा के उपायुक्त संदीप कुमार मीणा, पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, गुमला के उपायुक्त दिलेश्वर महतो, लातेहार के उपायुक्त संदीप कुमार, जामताड़ा के उपायुक्त आलोक कुमार, साहेबगंज के उपायुक्त दीपक कुमार दुबे तथा खूंटी के उपायुक्त सौरभ कुमार भी मौजूद रहे।
पुलिस प्रशासन की ओर से बोकारो के पुलिस अधीक्षक नाथु सिंह मीणा, देवघर के पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर, खूंटी के पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग, चतरा के पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी, एसीबी के पुलिस अधीक्षक अजय कुमार, जामताड़ा के पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह, कोडरमा के पुलिस अधीक्षक कुमार शिवशीष तथा पलामू के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और विकास कार्यों को गति देना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से विशेष रूप से अपेक्षा जताई कि वे अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और साइबर अपराध पर सख्ती से कार्रवाई करें।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि हर जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार से जुड़े कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। इसके लिए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय होना बेहद जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से क्षेत्र का दौरा करें और जमीनी स्तर पर योजनाओं की समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि फील्ड में सक्रिय रहने से ही वास्तविक समस्याओं की पहचान हो सकेगी और उनका समाधान समय पर किया जा सकेगा।
इस बैठक को प्रशासनिक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें राज्य के कई जिलों के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए और शासन की प्राथमिकताओं को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश प्राप्त किए। इससे आने वाले समय में झारखंड में प्रशासनिक कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी होने की उम्मीद जताई जा रही है।

अंत में मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से कहा कि वे टीम भावना के साथ कार्य करें और राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना ही प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
इस शिष्टाचार भेंट के माध्यम से राज्य सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रशासनिक और पुलिस तंत्र को जनहित और विकास के एजेंडे के साथ पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा। आने वाले दिनों में इन निर्देशों का असर जमीनी स्तर पर देखने को मिल सकता है।

