By: Mala Mandal
देवघर जिले में चौकीदार एवं होमगार्ड के रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के उद्देश्य से समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया और पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने की।

बैठक का मुख्य उद्देश्य चौकीदार एवं होमगार्ड भर्ती से संबंधित तैयारियों की समीक्षा करना, विभिन्न चरणों के लिए समय-सीमा तय करना तथा भर्ती प्रक्रिया को तकनीकी रूप से अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना रहा।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से अब तक की गई तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली और निर्देश दिया कि भर्ती प्रक्रिया के सभी चरण निर्धारित समय के भीतर पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

आवेदन प्रक्रिया और सत्यापन को लेकर दिए गए निर्देश
बैठक में भर्ती से जुड़ी आवेदन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित बनाने पर विशेष चर्चा हुई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल, व्यवस्थित और अभ्यर्थियों के लिए सुगम बनाई जाए ताकि किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा उत्पन्न न हो। इसके साथ ही प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटनी और भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को कहा गया कि सत्यापन प्रक्रिया के दौरान सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।

भर्ती प्रक्रिया में तकनीक का होगा उपयोग
बैठक के दौरान भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए आरएफआईडी (RFID) तकनीक के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान तकनीकी व्यवस्था लागू की जाए। आरएफआईडी तकनीक के उपयोग से अभ्यर्थियों की दौड़ तथा अन्य शारीरिक गतिविधियों का डेटा डिजिटल रूप से रिकॉर्ड किया जा सकेगा। इससे मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होगी और पूरी चयन प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय एवं पारदर्शी बन सकेगी। प्रशासन का मानना है कि तकनीकी हस्तक्षेप भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने के साथ-साथ अभ्यर्थियों के बीच विश्वास भी बढ़ाएगा।

शारीरिक एवं लिखित परीक्षा निष्पक्ष वातावरण में कराने पर जोर
बैठक में शारीरिक दक्षता परीक्षा और लिखित परीक्षा की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि परीक्षा आयोजन से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि परीक्षा केंद्रों की तैयारी, अभ्यर्थियों के प्रवेश प्रबंधन, निगरानी व्यवस्था तथा सुरक्षा संबंधी सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।

अधिकारियों को तय समयसीमा में कार्य पूरा करने का निर्देश
बैठक के दौरान भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न चरणों के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय करने पर भी बल दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी कार्य निर्धारित समय के भीतर पूर्ण किए जाएं ताकि भर्ती प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो। प्रशासन का लक्ष्य है कि रिक्त पदों को जल्द भरकर संबंधित विभागों की कार्यक्षमता को मजबूत किया जा सके।

बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, अपर समाहर्ता हीरा कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी देवघर रवि कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, हेडक्वार्टर डीएसपी, होमगार्ड कमांडेंट, सामान्य शाखा प्रभारी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

जिला प्रशासन द्वारा चौकीदार एवं होमगार्ड नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर की जा रही तैयारी से यह संकेत मिलता है कि आने वाले समय में भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और समयबद्ध तरीके से संचालित की जाएगी।Meta Description:
देवघर में चौकीदार और होमगार्ड भर्ती को लेकर उपायुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित। आवेदन प्रक्रिया, RFID तकनीक, शारीरिक दक्षता और लिखित परीक्षा को पारदर्शी बनाने के निर्देश।

