By: Mala Mandal
देवघर। विश्व कल्याण और मानव समाज की सुख-समृद्धि की कामना के साथ देवघर में सात दिवसीय शिवशक्तात्मक महारुद्र यज्ञ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह धार्मिक अनुष्ठान स्थानीय बम बम बाबा ब्रह्मचारी की तपस्थली में आयोजित हो रहा है, जो श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यज्ञ का आयोजन 6 मई से 12 मई तक चलेगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।

यज्ञ की शुरुआत भव्य शोभायात्रा के साथ की गई, जो बम बम बाबा कुटिया से निकली। इस शोभायात्रा ने शहर के प्रमुख मार्गों—सीता होटल, शिक्षा सभा चौक और बैद्यनाथ लेन से होते हुए बाबा मंदिर तक पहुंचकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु जयकारों और भजन-कीर्तन के साथ भगवान शिव की भक्ति में लीन नजर आए।

इस धार्मिक आयोजन की जानकारी देते हुए यज्ञ समिति के संयोजक प्रभात कुमार सिंह ने बताया कि यह यज्ञ पंडा धर्म रक्षिणी सभा के तत्वावधान में शिव शक्ति महारुद्र यज्ञ आयोजन समिति देवघर द्वारा आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस यज्ञ का मुख्य उद्देश्य विश्व शांति, समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार और धार्मिक परंपराओं को जीवित रखना है।

यज्ञ के आचार्य के रूप में प्रसिद्ध विद्वान पंडित कुणाल महाराज अपनी भूमिका निभा रहे हैं, जो पूरे अनुष्ठान को वैदिक विधि-विधान के अनुसार संपन्न करा रहे हैं। वहीं, यजमान के रूप में सदानंद खवारे उपस्थित हैं, जो पूरे आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ब्रह्मा के रूप में पंडित अशोक परिहस्त अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

इस यज्ञ में कुल 22 वैदिकों की टोली शामिल है, जिनमें सुधांशु भगत, नरेन्द्र, मनीष, दिनेश, ललन, राजू और सुनील सहित अन्य विद्वान पंडित शामिल हैं। ये सभी वैदिक वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ पूरे अनुष्ठान को अत्यंत श्रद्धा और विधिपूर्वक संपन्न करा रहे हैं।

धार्मिक आयोजन के दौरान प्रतिदिन हवन, पूजन, मंत्रोच्चारण और भजन-कीर्तन का कार्यक्रम चल रहा है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में यहां पहुंचकर यज्ञ में आहुति दे रहे हैं और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। आयोजन स्थल पर भक्तों के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के धार्मिक आयोजन से न केवल आध्यात्मिक वातावरण बनता है, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे की भावना भी मजबूत होती है। यज्ञ के दौरान शहर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा है, जिससे हर कोई खुद को इस धार्मिक आयोजन से जुड़ा हुआ महसूस कर रहा है।
शोभायात्रा के दौरान आकर्षक झांकियां और धार्मिक ध्वजों से सजी सड़कों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा का स्वागत किया और पुष्प वर्षा कर आयोजन को और भव्य बना दिया।

आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि यज्ञ के समापन पर भंडारा और विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे इस धार्मिक आयोजन में भाग लेकर पुण्य के भागी बनें।
कुल मिलाकर, देवघर में आयोजित यह सात दिवसीय शिवशक्तात्मक महारुद्र यज्ञ न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में सकारात्मकता, शांति और समृद्धि का संदेश भी दे रहा है।

