By: Mala Mandal
मधुपुर। पूर्व सांसद फुरकान अंसारी की धर्मपत्नी एवं झारखंड सरकार के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की पूजनीय माता स्वर्गीय मुश्तरी खातून की द्वितीय पुण्यतिथि के अवसर पर शनिवार को मधुपुर स्थित आवास पर एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लेकर स्वर्गीय मुश्तरी खातून को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया।

श्रद्धांजलि सभा का वातावरण पूरी तरह भावुक और श्रद्धामय रहा। उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय मुश्तरी खातून के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा उनके द्वारा समाज, शिक्षा और परिवार के लिए किए गए योगदान को स्मरण किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है और स्वर्गीय मुश्तरी खातून ने अपने जीवनकाल में इसी दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ किया।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने कहा कि स्वर्गीय मुश्तरी खातून केवल एक शिक्षिका या प्राध्यापिका ही नहीं थीं, बल्कि वे अनुशासन, सादगी, सेवा और संस्कार की जीवंत मिसाल थीं। उन्होंने अपने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ नैतिक मूल्यों का भी पाठ पढ़ाया। उनके सानिध्य में शिक्षा प्राप्त करने वाले अनेक विद्यार्थी आज विभिन्न क्षेत्रों में सफलता हासिल कर समाज की सेवा कर रहे हैं।

श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय मुश्तरी खातून का जीवन इस बात का उदाहरण है कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि बेहतर समाज के निर्माण की आधारशिला भी है। उन्होंने अपने पूरे जीवन में शिक्षा के माध्यम से समाज को जागरूक बनाने का कार्य किया और नई पीढ़ी को संस्कारों एवं मानवीय मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों ने पूर्व सांसद फुरकान अंसारी से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया तथा परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। साथ ही झारखंड सरकार के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से भी भेंट कर उनकी माता के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

वक्ताओं ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की सबसे बड़ी पहचान उसके द्वारा समाज को दिए गए संस्कार और योगदान होते हैं। स्वर्गीय मुश्तरी खातून ने अपने जीवन में शिक्षा, सेवा और सामाजिक सद्भाव को हमेशा प्राथमिकता दी। यही कारण है कि उनके निधन के दो वर्ष बाद भी लोग उन्हें श्रद्धा और सम्मान के साथ याद कर रहे हैं।

श्रद्धांजलि सभा में यह भी कहा गया कि स्वर्गीय मुश्तरी खातून ने अपने परिवार को भी उच्च सामाजिक और नैतिक मूल्यों की शिक्षा दी। उनके संस्कारों का ही परिणाम है कि परिवार के सदस्य आज सार्वजनिक जीवन में समाज की सेवा के लिए समर्पित हैं। उनका सादा जीवन, विनम्र व्यवहार और सभी वर्गों के लोगों के प्रति आत्मीयता हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प भी दोहराया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा, सेवा, सादगी और मानवीय संवेदनाओं का जो संदेश स्वर्गीय मुश्तरी खातून ने अपने जीवन से दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बना रहेगा। उनके आदर्शों को अपनाकर ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।

श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि स्वर्गीय मुश्तरी खातून का व्यक्तित्व सदैव स्मरणीय रहेगा। कार्यक्रम का समापन दिवंगत आत्मा की शांति के लिए सामूहिक प्रार्थना के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने उनके बताए मार्ग पर चलने और शिक्षा एवं समाज सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

स्वर्गीय मुश्तरी खातून की द्वितीय पुण्यतिथि पर आयोजित यह श्रद्धांजलि सभा केवल एक स्मृति समारोह नहीं रही, बल्कि उनके जीवन मूल्यों, शिक्षा के प्रति समर्पण और समाज के प्रति उनके योगदान को याद करने का अवसर भी बनी। कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों ने उनके आदर्शों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

