By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
देवघर। विश्व तंबाकू निषेध दिवस (World No Tobacco Day 2026) के अवसर पर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी के निर्देशानुसार समाहरणालय सभागार में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य तंबाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा विशेष रूप से युवाओं और बच्चों को निकोटीन एवं तंबाकू उत्पादों की लत से बचाने के लिए सामूहिक प्रयासों को मजबूत करना था।

कार्यक्रम का उद्घाटन उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा ने किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों, प्रशिक्षु छात्राओं एवं अन्य प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि तंबाकू का सेवन व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि तंबाकू न केवल शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाता है, बल्कि आर्थिक रूप से भी परिवारों को कमजोर करता है। उन्होंने युवाओं को विशेष रूप से सचेत करते हुए कहा कि विज्ञापनों और दिखावे के प्रभाव में आकर तंबाकू, गुटखा या सिगरेट जैसी आदतों को अपनाना उनके भविष्य के लिए घातक साबित हो सकता है।

उप विकास आयुक्त ने कहा कि मजबूत इच्छाशक्ति और आत्मबल के माध्यम से तंबाकू जैसी खतरनाक लत से पूरी तरह छुटकारा पाया जा सकता है। उन्होंने सभी से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा समाज में तंबाकू निषेध के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा वर्ष 2026 के लिए निर्धारित थीम “Unmasking the Appeal – Countering Nicotine and Tobacco Addiction” अर्थात “आकर्षण का पर्दाफाश करना – निकोटीन और तंबाकू की लत का मुकाबला करना” पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि तंबाकू उद्योग युवाओं को आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रकार की प्रचार रणनीतियों का उपयोग करता है, जिससे युवा वर्ग तेजी से निकोटीन की लत की ओर बढ़ता है। ऐसे प्रयासों का मुकाबला करने के लिए व्यापक जनजागरूकता और प्रभावी तंबाकू नियंत्रण उपायों की आवश्यकता है।

सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि तंबाकू सेवन मुख कैंसर, फेफड़ों के कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक तथा क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) जैसी गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण है। उन्होंने कहा कि तंबाकू नियंत्रण केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास से भी सीधे जुड़ा हुआ है। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से अपील की कि वे तंबाकू निषेध संबंधी संदेशों को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने का कार्य करें।
जिला नोडल पदाधिकारी (एनसीडी सेल) डॉ. मनोज कुमार गुप्ता एवं डॉ. मनीष शेखर ने कहा कि तंबाकू सेवन गैर-संचारी रोगों (NCDs) के सबसे बड़े जोखिम कारकों में शामिल है। उन्होंने बताया कि उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग और विभिन्न प्रकार के कैंसर की रोकथाम के लिए तंबाकू का त्याग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने तंबाकू छोड़ने के लिए परामर्श सेवाओं को मजबूत बनाने तथा सामुदायिक स्तर पर नियमित जागरूकता कार्यक्रम चलाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को प्रारंभिक अवस्था में ही तंबाकू और निकोटीन उत्पादों से दूर रखा जाए तो भविष्य में अनेक गंभीर बीमारियों की रोकथाम संभव है। साथ ही उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग से तंबाकू नियंत्रण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चंद्रशेखर ने कहा कि युवाओं को तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों की लत से बचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से नशामुक्त एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया तथा जनसहभागिता के माध्यम से तंबाकू निषेध अभियान को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान तंबाकू निषेध से जुड़े जागरूकता संदेश, स्वास्थ्य संबंधी तथ्य और तंबाकू छोड़ने के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी गई। उपस्थित प्रतिभागियों को तंबाकू मुक्त जीवनशैली अपनाने तथा अपने परिवार और समुदाय को भी इसके प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में एएनएमटीसी (ANMTC) की प्रशिक्षु छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। उनकी सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम को और प्रभावी बनाया। छात्राओं के साथ उनकी ट्यूटर दिव्या ज्योति भी उपस्थित रहीं। उन्होंने भावी स्वास्थ्यकर्मियों की जिम्मेदारी पर प्रकाश डालते हुए स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का संचालन प्रशांत कुमार मालवीय द्वारा किया गया। वहीं कार्यक्रम के सफल आयोजन और समन्वय में अभिमन्यु कुमार डांगी, रवि कुमार सिन्हा, रविचंद्र मुर्मू एवं अभिषेक कुमार लाल का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

कार्यक्रम के समापन पर सभी अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों, प्रशिक्षु छात्राओं एवं अन्य प्रतिभागियों ने तंबाकू सेवन से दूर रहने तथा तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने की शपथ ली। सभी ने मिलकर स्वस्थ, जागरूक और तंबाकू मुक्त देवघर के निर्माण का संकल्प दोहराया।
जागरूकता रथ को दिखाई गई हरी झंडी
कार्यक्रम के पश्चात समाहरणालय परिसर से उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार, जिला नोडल पदाधिकारी (एनसीडी सेल) डॉ. मनोज कुमार गुप्ता, डॉ. मनीष शेखर, उप पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर तथा अन्य अधिकारियों ने विश्व तंबाकू निषेध दिवस जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह जागरूकता रथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों, नशामुक्त जीवनशैली और तंबाकू नियंत्रण संबंधी महत्वपूर्ण संदेशों से अवगत कराएगा। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल से अधिक से अधिक लोगों तक तंबाकू निषेध का संदेश पहुंचेगा तथा जिले में स्वास्थ्य जागरूकता को नई दिशा मिलेगी।

