By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Hunger Strike Health Risks: भूख हड़ताल या लंबे समय तक भोजन का त्याग केवल एक विरोध का माध्यम नहीं है, बल्कि यह शरीर पर गहरा शारीरिक और मानसिक प्रभाव भी डाल सकता है। कई बार लोग सामाजिक, राजनीतिक या व्यक्तिगत कारणों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ जाते हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर इंसान बिना भोजन के कितने दिनों तक जीवित रह सकता है और कब से शरीर में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं शुरू हो जाती हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इसका कोई एक निश्चित उत्तर नहीं है। किसी व्यक्ति की उम्र, वजन, पहले से मौजूद बीमारियां, शरीर में पोषण का स्तर, पानी पीने की मात्रा और मेडिकल निगरानी जैसी कई बातें तय करती हैं कि शरीर कितने समय तक भोजन की कमी को सहन कर पाएगा। हालांकि, यह निश्चित है कि लंबे समय तक भोजन न मिलने पर शरीर धीरे-धीरे अपनी ऊर्जा समाप्त करने लगता है और कई अंग प्रभावित होने लगते हैं।

भूख लगने पर शरीर सबसे पहले क्या करता है?
भोजन बंद होने के शुरुआती कुछ घंटों तक शरीर पहले से मौजूद ग्लूकोज का उपयोग करता है। इसके बाद लीवर में जमा ग्लाइकोजन ऊर्जा का मुख्य स्रोत बनता है। लगभग एक दिन बाद यह भंडार कम होने लगता है और शरीर ऊर्जा के लिए वसा (फैट) को जलाना शुरू कर देता है। यदि भोजन कई दिनों तक नहीं मिलता तो शरीर धीरे-धीरे मांसपेशियों के प्रोटीन को भी ऊर्जा में बदलने लगता है। यही कारण है कि लंबे उपवास या भूख हड़ताल के दौरान वजन तेजी से कम होने लगता है और शरीर कमजोर महसूस करता है।

कितने दिनों तक बिना भोजन के रह सकता है इंसान?
डॉक्टरों के अनुसार यदि व्यक्ति पर्याप्त मात्रा में पानी पीता रहे तो कुछ लोग कई सप्ताह तक जीवित रह सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि शरीर सुरक्षित रहता है। लंबे समय तक भोजन न मिलने से शरीर के कई महत्वपूर्ण अंग प्रभावित होने लगते हैं और गंभीर जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि हर व्यक्ति की शारीरिक क्षमता अलग होती है, इसलिए यह अनुमान लगाना संभव नहीं है कि कोई व्यक्ति कितने दिन तक सुरक्षित रह पाएगा। कई मामलों में पहले से मौजूद बीमारी होने पर खतरा और जल्दी बढ़ सकता है।

भूख हड़ताल के दौरान शरीर में कौन-कौन से बदलाव होते हैं?
भूख हड़ताल लंबी होने पर शरीर में कई तरह के परिवर्तन दिखाई देने लगते हैं। इनमें अत्यधिक कमजोरी, चक्कर आना, लगातार थकान, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, रक्तचाप कम होना, शरीर का तापमान गिरना और मांसपेशियों का कमजोर होना शामिल है। समय के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम होने लगती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक पोषण की कमी रहने पर हृदय, किडनी और अन्य महत्वपूर्ण अंगों के कार्य प्रभावित हो सकते हैं।

कब बढ़ जाता है गंभीर खतरा?
यदि लंबे समय तक भोजन नहीं लिया जाए और शरीर को आवश्यक पोषक तत्व न मिलें, तो इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, हृदय की धड़कन में गड़बड़ी, गंभीर निर्जलीकरण, बेहोशी और अंगों के काम करना बंद करने जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। ऐसी स्थिति मेडिकल इमरजेंसी मानी जाती है और तुरंत चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता होती है।

क्या केवल पानी पीने से शरीर सुरक्षित रहता है?
पर्याप्त पानी पीना निर्जलीकरण से बचाने में मदद कर सकता है, लेकिन केवल पानी शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा नहीं कर सकता। शरीर को ऊर्जा, प्रोटीन, विटामिन और खनिजों की भी आवश्यकता होती है। इसलिए केवल पानी पीते रहने से लंबे समय तक स्वास्थ्य सुरक्षित नहीं रखा जा सकता।

डॉक्टर क्या सलाह देते हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति किसी भी कारण से लंबे समय तक भोजन नहीं कर पा रहा है या भूख हड़ताल पर है, तो उसकी नियमित मेडिकल जांच आवश्यक है। रक्तचाप, शुगर, वजन, इलेक्ट्रोलाइट स्तर और अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतकों की निगरानी की जानी चाहिए। किसी भी प्रकार की गंभीर कमजोरी, बेहोशी, सीने में दर्द या सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए।

भूख हड़ताल का असर केवल पेट तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह पूरे शरीर को प्रभावित करता है। शुरुआत में शरीर अपने ऊर्जा भंडार का उपयोग करता है, लेकिन समय के साथ मांसपेशियां, प्रतिरक्षा तंत्र और महत्वपूर्ण अंग भी प्रभावित होने लगते हैं। इसलिए लंबे समय तक भोजन का त्याग स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। किसी भी स्थिति में यदि भोजन लंबे समय तक नहीं लिया जा रहा हो, तो चिकित्सकीय निगरानी बेहद जरूरी है।

यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह किसी चिकित्सकीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। यदि आप लंबे समय तक भोजन नहीं कर पा रहे हैं, उपवास या भूख हड़ताल पर हैं या किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या महसूस कर रहे हैं, तो तुरंत योग्य डॉक्टर से संपर्क करें।

