By: Mala Mandal
रांची: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन अब राजनीतिक रंग लेने लगा है। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस कार्रवाई और कथित लाठीचार्ज को लेकर विपक्ष ने हेमंत सोरेन सरकार पर हमला तेज कर दिया है। झारखंड बीजेपी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीर कदम उठाने चाहिए। वहीं, इस आंदोलन को लेकर राज्य की राजनीति भी गरमा गई है।

छात्रों पर कार्रवाई को लेकर BJP आक्रामक
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर हेमंत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों पर बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। बीजेपी ने इस पूरे मामले में सरकार से जवाब मांगा है। आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।

JPSC-JSSC परीक्षा विवाद क्या है?
झारखंड में सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं को लेकर पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में कई तरह की अनियमितताएं सामने आई हैं, जिससे मेहनत करने वाले युवाओं के साथ अन्याय हुआ है। छात्र संगठनों की मांग है कि विवादित परीक्षाओं की जांच कराई जाए और दोषियों पर कार्रवाई की जाए। इसके अलावा भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की मांग भी लगातार उठाई जा रही है।

आंदोलन के बीच बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
छात्रों के प्रदर्शन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। बीजेपी लगातार सरकार पर दबाव बना रही है, जबकि सरकार की ओर से मामले को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की जा रही है।विपक्ष का कहना है कि युवाओं के रोजगार से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। वहीं, सरकार समर्थकों का दावा है कि मामले को नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत देखा जा रहा है।

युवाओं के भविष्य का मुद्दा बना आंदोलन
JPSC और JSSC से जुड़े विवाद ने झारखंड में युवाओं के भविष्य और सरकारी भर्ती व्यवस्था पर बड़ी बहस खड़ी कर दी है। हजारों अभ्यर्थी चाहते हैं कि परीक्षा प्रणाली में ऐसा सुधार हो जिससे आगे किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो।
राजनीतिक दल भी इस मुद्दे को लेकर अपनी रणनीति बना रहे हैं। बीजेपी जहां इसे सरकार की विफलता बता रही है, वहीं सरकार की ओर से प्रक्रियागत समाधान की बात कही जा रही है।

आगे क्या होगा?
फिलहाल JPSC-JSSC विवाद को लेकर राज्य में सियासी तापमान बढ़ा हुआ है। छात्रों की मांग, सरकार का रुख और विपक्ष का दबाव आने वाले दिनों में इस मामले को और अहम बना सकता है।
अभ्यर्थियों की नजर अब सरकार के अगले कदम पर है। वहीं विपक्ष इस मुद्दे को लेकर आंदोलन को और तेज करने की तैयारी में है। झारखंड की राजनीति में युवाओं से जुड़ा यह मुद्दा आने वाले समय में बड़ा चुनावी और सामाजिक मुद्दा बन सकता है।



